महाकुम्भ 30 जनवरी – महाकुंभ मेले में मौनी अमावस्या के दिन अमृत स्नान के दौरान भारी भगदड़ मच गई, जिससे 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 36 अन्य लोग घायल हो गए। यह घटना संगम की रेती पर हुई, जहां लाखों श्रद्धालु स्नान के लिए एकत्रित थे। मेला अधिकारी विजय किरन आनंद और डीआईजी महाकुंभ वैभव कृष्ण ने इस दुखद घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि मृतकों में से 25 की शिनाख्त हो चुकी है, जबकि 5 अन्य मृतकों की शिनाख्त की कोशिश की जा रही है। घायलों का इलाज मोतीलाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज के एसआरएन अस्पताल में चल रहा है, और अधिकारियों के अनुसार, कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
परिवारों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 1920 जारी किया-
घटना के बाद मेला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से अनुभवी अधिकारियों की तैनाती की है। अधिकारियों ने कहा कि भगदड़ की घटना के बाद श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर और अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। मेला प्रशासन ने मृतकों के परिवारों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 1920 जारी किया है।
स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने घटनास्थल पर राहत कार्यों की शुरुआत की, लेकिन हादसे के बाद श्रद्धालुओं में भारी भय और घबराहट का माहौल बन गया था। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए और स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे –
महाकुंभ मेला एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु हिस्सा लेने आते हैं। इस हादसे ने मेला प्रशासन की तैयारियों और व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, और अधिकारियों ने यह आश्वासन दिया है कि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।