विद्यार्थियों को मिलेगी विदेशी भाषाओं की शिक्षा, NEP के तहत नए सिलेबस को लागू करने की तैयारी
नई दिल्ली, 30 जनवरी: हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए राज्य ने पूरी तैयारी कर ली है। उन्होंने कहा कि इस नीति से भारत को ‘विश्व गुरु’ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं और इससे शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार होगा।
श्री ढांडा ने यह बात नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान कही। इस बैठक में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित अन्य विशेषज्ञों ने भाग लिया।
विद्यार्थियों को मिलेगी विदेशी भाषाओं की शिक्षा
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में शिक्षा मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार अब विद्यार्थियों को अंग्रेजी और हिंदी तक सीमित न रखते हुए अंतरराष्ट्रीय भाषाओं की शिक्षा देने पर विचार कर रही है। उन्होंने बताया कि विदेशी भाषाओं की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए शिक्षा विभाग जल्द ही नई योजनाएं लागू करेगा।
उन्होंने कहा,
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का सपना है कि हरियाणा का युवा सिर्फ हिंदी और अंग्रेजी तक सीमित न रहे, बल्कि विदेशी भाषाओं में भी दक्ष बने।”
नए सिलेबस और किताबों की होगी शुरुआत
शिक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का सबसे महत्वपूर्ण पहलू नए सिलेबस को लागू करना है। इसके तहत—
✔ पहली से तीसरी कक्षा के लिए NEP-अलाइन बुक्स पहले ही स्कूलों में लागू कर दी गई हैं।
✔ नए शैक्षणिक सत्र से छठी कक्षा की किताबें भी NEP के अनुरूप तैयार की जाएंगी।
✔ NCERT द्वारा उपलब्ध करवाई गई सभी नई किताबें तुरंत लागू की जाएंगी।
उन्होंने यह भी बताया कि अब शिक्षकों के पढ़ाने का तरीका भी बदला जाएगा। इसके लिए अध्यापकों को विशेष प्रशिक्षण (टीचर ट्रेनिंग) दी जा रही है, जिससे वे नए शैक्षणिक मॉडल को बेहतर ढंग से लागू कर सकें।
निपुण कार्यक्रम के तहत हर विद्यार्थी की होगी निगरानी
हरियाणा सरकार ‘निपुण भारत कार्यक्रम’ के तहत प्रत्येक विद्यार्थी की शैक्षणिक प्रगति को ट्रैक कर रही है। इस योजना का उद्देश्य हर बच्चे को बुनियादी शिक्षा और कौशल से लैस करना है।
बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
बैठक में NEP-2020 के तहत स्कूल शिक्षा में किए गए कार्यों की समीक्षा की गई। इसे छह अलग-अलग समूहों में बांटकर विश्लेषण किया गया। इस दौरान,
✔ 16 प्रमुख बिंदुओं पर उच्च शिक्षा नीति के तहत हो रहे कार्यों का मूल्यांकन किया गया।
✔ स्कूलों में शिक्षकों की गुणवत्ता सुधारने पर खास फोकस किया गया।
✔ तीन-भाषा फॉर्मूले को लागू करने पर जोर दिया गया।
शिक्षा मंत्री ने हरियाणा में शिक्षा के क्षेत्र में हुई उपलब्धियों की सराहना की और कहा कि राज्य सरकार अध्यापकों की भर्ती, स्कूलों में संसाधनों की उपलब्धता और शिक्षण पद्धति में बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
बैठक में शामिल प्रमुख अधिकारी
इस बैठक में शिक्षा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए, जिनमें—
- अतिरिक्त मुख्य सचिव विनीत गर्ग
- तकनीकी शिक्षा विभाग के महानिदेशक प्रभजोत सिंह
- उच्चतर शिक्षा विभाग के निदेशक राहुल हुड्डा
- सेकेंडरी शिक्षा निदेशक जीतेन्द्र कुमार
- गुरुग्राम विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि राजीव
- SCERT से इंदु, जिला शिक्षा अधिकारी कुलदीप मेहता
- विभिन्न जिलों के शिक्षा अधिकारी एवं विशेष आमंत्रित सदस्य
सरकार के प्रयासों से शिक्षा क्षेत्र में होंगे बड़े बदलाव
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता शिक्षा प्रणाली को आधुनिक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार शिक्षा सुधारों को तेज़ी से लागू कर रही है, जिससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा मिल सके।
“जो लोग पहले शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचा चुके हैं, वे अब आलोचना कर सकते हैं, लेकिन राष्ट्रीय शिक्षा नीति से देश में एक बड़ा बदलाव आ रहा है।” – महीपाल ढांडा, शिक्षा मंत्री, हरियाणा