दिल्ली 30 जनवरी – इस्राइल-फलस्तीन के बीच एक साल से ज्यादा समय तक चले संघर्ष के बाद जारी युद्ध विराम समझौते के बीच फलस्तीन का एक बड़ा दावा सामने आया है। जहां फलस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को दावा किया इस्राइली ने युद्ध विराम के बीच ड्रोन हमले किए, जिसमें वेस्ट बैंक के एक गांव में कम से कम 10 लोग मारे गए।यह हमला टुबास जिले के तमुन शहर पर हुआ। बता दें कि मामले में फलस्तीनी रेड क्रिसेंट ने पहले कहा था कि हमले में सात लोग मारे गए थे।
इस्राइली सेना ने जारी किया बयान
फलस्तीन के बयान के बाद इस्राइली सेना ने भी बयान जारी किया। सेना ने इस हमले को आतंकवाद विरोधी अभियान का हिस्सा बताते हुए कहा कि यह तमुन के इलाके में एक सशस्त्र आतंकवादी सेल पर किया गया था। साथ ही इस्राइली सेना ने बताया कि इस हमले को एक इस्राइली विमान ने किया, जो सुरक्षा एजेंसी की खुफिया जानकारी पर आधारित था।
फलस्तीनी अधिकारियों ने की पुष्टि
साथ ही मामले फलस्तीनी अधिकारियों ने पुष्टि की कि यह हमला ड्रोन द्वारा किया गया था। इसके अलावा फिलिस्तीनी उग्रवादी समूह हमास ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि यह इस्राइल की बढ़ती क्रूरता और कब्जे के खिलाफ संघर्ष कर रहे उनके सेनानियों को मारने का एक प्रयास है।
कैसे शुरू हुआ युद्ध, एक नजर
मामला 7 अक्तूबर 2023 की है। जब हमास ने आधी रात को इस्राइल पर घातक हमले किए। इस हमले में 1,200 लोग मारे गए थे और 250 अन्य को बंधक बना लिया गया था। इस्राइल पर हमले के दौरान हमास अपने भविष्य और होने वाली दुर्दशा से परे हमले को अंजाम तक पहुंचा रहा था, जिसके बाद इस्राइल ने अपना बदला लेना शुरू किया और हमास के एक-एक हमले का मुह तोड़ जवाब दिया। फलस्वरूप 15 महीनों तक चले इस युद्ध में कई हजार लोगों की जान चली गई वहीं लाखों लोगों को अपना घर छोड़कर भागना पड़ा।
फलस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों की माने तो 46,000 से अधिक फलस्तीनी मारे गए थे। इसके अलावा गाजा की अनुमानित 90 प्रतिशत आबादी विस्थापित हो गई और मानवीय संकट पैदा हो गया। नवंबर 2023 में हुए एक सप्ताह के संघर्ष विराम के दौरान गाजा से 100 से अधिक बंधकों को रिहा किया गया था।