
मनीष सिसोदिया का हरियाणा सरकार पर तीखा प्रहार
नई दिल्ली, 3 फरवरी। गुरुग्राम के मानेसर नगर निगम टॉयलेट घोटाले पर दिल्ली में घमासान, मनीष सिसोदिया का हरियाणा सरकार पर तीखा प्रहार
नई दिल्ली, 3 फरवरी। गुरुग्राम के मानेसर नगर निगम में हुए टॉयलेट घोटाले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने हरियाणा सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि “हरियाणा में सरकारी जमीनों को बिल्डरों को बेचा जा रहा है, और सबसे अधिक भ्रष्टाचार यहीं देखने को मिल रहा है।”
सिसोदिया का मुख्यमंत्री सैनी पर हमला
दिल्ली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि “हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पहले अपनी सरकार के गिरेबान में झांक लें। उनकी सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है, और गुरुग्राम का टॉयलेट घोटाला इसका ताजा उदाहरण है।”
सिसोदिया ने आगे कहा कि “दिल्ली से सटे गुरुग्राम में करोड़ों रुपये के टॉयलेट घोटाले पर हरियाणा सरकार जवाब दे। मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि यह घोटाला किसने किया, कौन जिम्मेदार है और अभी तक दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?”
क्या है टॉयलेट घोटाला?
गुरुग्राम के मानेसर नगर निगम क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार सामने आया है। इस घोटाले में एक-एक टॉयलेट पर 30 लाख रुपये खर्च दिखाए गए, लेकिन स्थानीय लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
घोटाले की प्रमुख बातें:
✅ टॉयलेट अधूरे पड़े हैं: कई शौचालयों पर अभी भी ताले लटके हुए हैं, जिससे आम जनता इसका इस्तेमाल नहीं कर पा रही।
✅ बुनियादी सुविधाएं नहीं: इन शौचालयों में पानी का कनेक्शन तक नहीं जोड़ा गया, जिससे ये पूरी तरह अनुपयोगी हैं।
✅ ठेकेदारों को मनमाने भुगतान: स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम अधिकारियों ने ठेकेदारों से मिलीभगत कर मनमाने तरीके से करोड़ों रुपये का भुगतान किया।
✅ सरकारी जमीन का दुरुपयोग: आरोप है कि नगर निगम अधिकारियों ने सरकारी भूमि बिल्डरों को सौंपने के बदले मोटी रकम वसूली।
“हरियाणा में तीसरी बार भाजपा सरकार, लेकिन सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार” – सिसोदिया
मनीष सिसोदिया ने कहा कि “हरियाणा में तीसरी बार बीजेपी की सरकार बनी है, लेकिन भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। मानेसर में सरकारी जमीन को बिल्डरों को बेचा जा रहा है, और इसके पीछे बड़े अफसरों और नेताओं की मिलीभगत है।”
उन्होंने कहा कि “मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी दिल्ली की जनता को जवाब दें, क्योंकि हरियाणा के लोग पहले ही उनके झूठे वादों से परेशान हो चुके हैं।”
“हरियाणा को लूटने के बाद अब दिल्ली पर नजर”
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने बीजेपी सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “हरियाणा के मुख्यमंत्री और उनके अधिकारी छोटे-छोटे प्रोजेक्ट में भी घोटाले कर रहे हैं, तो बड़े प्रोजेक्ट्स में क्या कर रहे होंगे, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं।”
उन्होंने आगे कहा, “हरियाणा को लूटने के बाद अब दिल्ली को लूटने की साजिश रची जा रही है।”
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सफाई: “दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा”
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस घोटाले पर ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन उन्होंने कहा कि “सरकार मामले की जांच करा रही है, और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।”
राजनीतिक रंग लेता घोटाला
दिल्ली विधानसभा चुनाव के बीच यह घोटाला बीजेपी सरकार के लिए एक नया सिरदर्द बन गया है। AAP पार्टी इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बना रही है और बीजेपी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही है।
अब देखना होगा कि हरियाणा सरकार इस मामले पर क्या कार्रवाई करती है, और क्या दोषियों पर सख्त कदम उठाए जाते हैं या नहीं।
में हुए टॉयलेट घोटाले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने हरियाणा सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि “हरियाणा में सरकारी जमीनों को बिल्डरों को बेचा जा रहा है, और सबसे अधिक भ्रष्टाचार यहीं देखने को मिल रहा है।”
सिसोदिया का मुख्यमंत्री सैनी पर हमला
दिल्ली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि “हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पहले अपनी सरकार के गिरेबान में झांक लें। उनकी सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है, और गुरुग्राम का टॉयलेट घोटाला इसका ताजा उदाहरण है।”
सिसोदिया ने आगे कहा कि “दिल्ली से सटे गुरुग्राम में करोड़ों रुपये के टॉयलेट घोटाले पर हरियाणा सरकार जवाब दे। मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि यह घोटाला किसने किया, कौन जिम्मेदार है और अभी तक दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?”
क्या है टॉयलेट घोटाला?
गुरुग्राम के मानेसर नगर निगम क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार सामने आया है। इस घोटाले में एक-एक टॉयलेट पर 30 लाख रुपये खर्च दिखाए गए, लेकिन स्थानीय लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
घोटाले की प्रमुख बातें:
✅ टॉयलेट अधूरे पड़े हैं: कई शौचालयों पर अभी भी ताले लटके हुए हैं, जिससे आम जनता इसका इस्तेमाल नहीं कर पा रही।
✅ बुनियादी सुविधाएं नहीं: इन शौचालयों में पानी का कनेक्शन तक नहीं जोड़ा गया, जिससे ये पूरी तरह अनुपयोगी हैं।
✅ ठेकेदारों को मनमाने भुगतान: स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम अधिकारियों ने ठेकेदारों से मिलीभगत कर मनमाने तरीके से करोड़ों रुपये का भुगतान किया।
✅ सरकारी जमीन का दुरुपयोग: आरोप है कि नगर निगम अधिकारियों ने सरकारी भूमि बिल्डरों को सौंपने के बदले मोटी रकम वसूली।
“हरियाणा में तीसरी बार भाजपा सरकार, लेकिन सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार” – सिसोदिया
मनीष सिसोदिया ने कहा कि “हरियाणा में तीसरी बार बीजेपी की सरकार बनी है, लेकिन भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। मानेसर में सरकारी जमीन को बिल्डरों को बेचा जा रहा है, और इसके पीछे बड़े अफसरों और नेताओं की मिलीभगत है।”
उन्होंने कहा कि “मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी दिल्ली की जनता को जवाब दें, क्योंकि हरियाणा के लोग पहले ही उनके झूठे वादों से परेशान हो चुके हैं।”
“हरियाणा को लूटने के बाद अब दिल्ली पर नजर”
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने बीजेपी सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “हरियाणा के मुख्यमंत्री और उनके अधिकारी छोटे-छोटे प्रोजेक्ट में भी घोटाले कर रहे हैं, तो बड़े प्रोजेक्ट्स में क्या कर रहे होंगे, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं।”
उन्होंने आगे कहा, “हरियाणा को लूटने के बाद अब दिल्ली को लूटने की साजिश रची जा रही है।”
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सफाई: “दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा”
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस घोटाले पर ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन उन्होंने कहा कि “सरकार मामले की जांच करा रही है, और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।”
राजनीतिक रंग लेता घोटाला
दिल्ली विधानसभा चुनाव के बीच यह घोटाला बीजेपी सरकार के लिए एक नया सिरदर्द बन गया है। AAP पार्टी इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बना रही है और बीजेपी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही है।
अब देखना होगा कि हरियाणा सरकार इस मामले पर क्या कार्रवाई करती है, और क्या दोषियों पर सख्त कदम उठाए जाते हैं या नहीं।