
हरियाणा सरकार में बढ़ी तनातनी:
अंबाला निवासी और रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राजेश खुल्लर
चंडीगढ़, 3 फरवरी। हरियाणा सरकार में गृह मंत्री अनिल विज और मुख्यमंत्री नायब सैनी के प्रधान प्रधान सचिव राजेश खुल्लर के बीच खींचतान लगातार बढ़ती जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, इस विवाद की जड़ अंबाला निवासी और रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राजेश खुल्लर हैं, जो इस समय मुख्यमंत्री के प्रधान प्रधान सचिव के पद पर कार्यरत हैं। उनके प्रभाव के चलते सरकारी अफसरशाही अनिल विज को लगातार नजरअंदाज कर रही है, जिससे विज नाराज बताए जा रहे हैं।
खुल्लर और विज के बीच पुरानी अदावत
राजेश खुल्लर और अनिल विज के बीच मतभेद लंबे समय से चले आ रहे हैं। यह विवाद तब शुरू हुआ जब खुल्लर की पत्नी सोनिया खुल्लर हरियाणा की डीजी-हेल्थ (DG Health) थीं और अनिल विज स्वास्थ्य मंत्री के पद पर थे। उस समय दोनों के बीच इतनी तनातनी थी कि विज ने तब तक स्वास्थ्य विभाग की फाइलों को देखना ही बंद कर दिया था, जब तक कि तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सोनिया खुल्लर को पद से हटा नहीं दिया था।
विज को नज़रअंदाज़ करने की साजिश?
अब, जब खुल्लर मुख्यमंत्री नायब सैनी के प्रधान सचिव के रूप में कार्य कर रहे हैं, तो उनके और अनिल विज के बीच टकराव फिर से सतह पर आ गया है। सूत्रों का कहना है कि अफसरशाही खुल्लर के इशारों पर काम कर रही है और विज को जानबूझकर साइडलाइन किया जा रहा है। यही वजह है कि गृह मंत्री अनिल विज सरकार के मुखिया नायब सैनी के खिलाफ भी खुलकर बयानबाजी कर रहे हैं।
क्या सरकार के भीतर बढ़ेगा असंतोष?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अनिल विज को लगातार साइडलाइन करने की कोशिशों से भाजपा सरकार के भीतर गुटबाजी तेज हो सकती है। अनिल विज हरियाणा भाजपा के कद्दावर नेताओं में से एक हैं और उनकी नाराजगी पार्टी के लिए नुकसानदायक हो सकती है। ऐसे में देखना होगा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी इस आंतरिक कलह को कैसे संभालते हैं और क्या भाजपा आलाकमान इस मामले में कोई दखल देता है या नहीं।