प्रयागराज 4 फरवरी – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 फरवरी को प्रयागराज के दौरे पर रहेंगे, जहां वे संगम में पवित्र स्नान करेंगे और महाकुंभ की तैयारियों का जायजा लेंगे। उनका यह दौरा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आइए जानते हैं प्रधानमंत्री के इस विशेष दौरे का पूरा शेड्यूल—
सुबह 10:00 बजे – प्रयागराज आगमन-
प्रधानमंत्री मोदी सुबह करीब 10:00 बजे प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उनका स्वागत करेंगे।
सुबह 10:15 बजे – डीपीएस हेलीपैड रवाना
एयरपोर्ट से पीएम मोदी हेलीकॉप्टर के जरिए डीपीएस हेलीपैड के लिए रवाना होंगे, जहां वह लगभग 10:30 बजे पहुंचेंगे।
सुबह 10:45 बजे – अरेल घाट पहुंचेंगे
डीपीएस हेलीपैड से प्रधानमंत्री मोदी सड़क मार्ग से अरेल घाट पहुंचेंगे। यहां से वह नाव के माध्यम से संगम क्षेत्र की ओर प्रस्थान करेंगे।
सुबह 11:00 बजे – संगम में पवित्र स्नान
प्रधानमंत्री मोदी गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम में स्नान करेंगे। इस दौरान वे वैदिक मंत्रोच्चारण और विशेष पूजन अनुष्ठान में भी शामिल होंगे।
सुबह 11:30 बजे – साधु-संतों से भेंट
स्नान के बाद प्रधानमंत्री मोदी अखाड़ों के साधु-संतों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे संत समाज से संवाद करेंगे और महाकुंभ 2025 की तैयारियों पर चर्चा करेंगे।
दोपहर 12:00 बजे – महाकुंभ 2025 की तैयारियों का निरीक्षण
प्रधानमंत्री मोदी महाकुंभ की तैयारियों का जायजा लेंगे। वे कुंभ नगरी में बनने वाली सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, और यातायात प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे।
दोपहर 12:30 बजे – जनसभा को संबोधित करेंगे
महाकुंभ स्थल पर ही प्रधानमंत्री मोदी एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे, जिसमें वह धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और प्रयागराज की सांस्कृतिक धरोहर पर अपने विचार रखेंगे।
दोपहर 1:30 बजे – प्रयागराज से रवाना
प्रधानमंत्री मोदी दोपहर 1:30 बजे प्रयागराज एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे और वहां से दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे।
महत्वपूर्ण बिंदु:
✔ धार्मिक और सांस्कृतिक यात्रा – महाकुंभ की तैयारियों का निरीक्षण और संगम स्नान।
✔ संत समाज से संवाद – अखाड़ों के प्रमुख संतों से मुलाकात और आशीर्वाद।
✔ जनसभा – प्रयागराज में आध्यात्मिक और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि महाकुंभ 2025 की भव्य तैयारियों को भी गति देगा।