उत्तर प्रदेश 5 फरवरी -उत्तर प्रदेश कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें 11 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इनमें से एक प्रमुख निर्णय 2025-26 के लिए यूपी सरकार की नई आबकारी नीति को मंजूरी देना था।

यूपी में लॉटरी सिस्टम से शराब की दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया होगी पारदर्शी
नए लॉटरी सिस्टम के तहत, यूपी आबकारी विभाग शराब की दुकानों के लिए ठेके देने के लिए एक पारदर्शी और निष्पक्ष तरीका अपनाएगा। इससे न केवल शराब के कारोबार में पारदर्शिता आएगी, बल्कि भ्रष्टाचार की संभावना भी कम होगी। इस नीति का उद्देश्य राज्य के आबकारी कारोबार को व्यवस्थित करना है और सही तरीके से ठेके आवंटित करना है।
आबकारी नीति के मुख्य बिंदु:
- लॉटरी सिस्टम लागू: शराब की दुकानों के ठेके अब लॉटरी के माध्यम से दिए जाएंगे, जिससे सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित किए जाएंगे।
- राजस्व में वृद्धि: इस नीति के लागू होने से राज्य के राजस्व में भी वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है।
- व्यवस्थित वितरण: शराब के ठेके पारदर्शी तरीके से वितरित होंगे, जिससे सिस्टम में सुधार होगा और अधिक नियंत्रित ढंग से कार्य किया जाएगा।
इसके अलावा, बैठक में कैबिनेट ने 11 अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी, जो प्रदेश के विकास को गति देने के लिए अहम हैं। इन प्रस्तावों में विभिन्न विभागों से जुड़ी योजनाओं और योजनाओं के कार्यान्वयन को लेकर निर्णय लिए गए हैं।
कैबिनेट बैठक के अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:
- मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इन प्रस्तावों पर त्वरित कार्रवाई करें, ताकि इन योजनाओं को शीघ्र लागू किया जा सके।
- राज्य के विभिन्न विकास कार्यों को लेकर भी कई अहम फैसले लिए गए, जो आने वाले दिनों में प्रदेश के नागरिकों के लिए लाभकारी साबित होंगे।
इस नई आबकारी नीति को लागू करने के लिए राज्य सरकार द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश और नियमों की घोषणा जल्द की जाएगी। इसके बाद आबकारी विभाग लॉटरी प्रक्रिया और अन्य संबंधित नियमों के बारे में विस्तृत जानकारी जारी करेगा।
उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल प्रदेश में शराब के कारोबार को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में ली गई यह बैठक प्रदेश के विकास और राजस्व के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है।