दिल्ली 6 फरवरी – दिल्ली विधानसभा चुनावों के नतीजे आना अब कुछ ही दिन दूर हैं और इस बीच सात एग्जिट पोल्स ने दिल्ली की राजनीति में एक नई हलचल मचा दी है। इन सात एग्जिट पोल्स में से एक भी सर्वे में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए अच्छी खबर नहीं मिली है। अधिकांश सर्वे में भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) को आम आदमी पार्टी (AAP) पर भारी बढ़त दिखाई गई है। हालांकि, कुछ सर्वे में AAP को सत्ता की उम्मीद भी दिख रही है।
क्या कह रहे हैं एग्जिट पोल्स?
एग्जिट पोल्स के मुताबिक, इस बार दिल्ली में भाजपा के लिए सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। सात में से पांच एग्जिट पोल्स में भाजपा को बहुमत मिलता हुआ दिख रहा है, जबकि दो सर्वे में आम आदमी पार्टी की सरकार बनती दिखाई दे रही है।
एबीपी न्यूज़ और सी वोटर द्वारा किए गए सर्वे में भाजपा को बहुमत मिलता हुआ दिखाया गया है, और AAP को एक कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ता नजर आ रहा है।
इंडिया टुडे-एक्सिस पोल में आम आदमी पार्टी को थोड़ा फायदा होने की संभावना जताई गई है, लेकिन भाजपा के लिए कड़ी टक्कर सामने आई है।
टाइम्स नाउ और वीएमआर के सर्वे में भाजपा की मजबूती के साथ सरकार बनने की संभावना जताई गई है। वहीं, अरविंद केजरीवाल के लिए चौथी बार मुख्यमंत्री बनने की कोई संभावना नहीं दिखाई गई है।
रिपब्लिक और पावर माइन द्वारा किए गए सर्वे में भी भाजपा को सबसे ज्यादा सीटें मिलने का अनुमान है।
आजतक-सी वोटर द्वारा किए गए सर्वे में भाजपा को अधिक सीटें मिलने की संभावना जताई गई है, और AAP को सरकार बनाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
फोर्स और राजीव-तिवारी द्वारा किए गए सर्वे में AAP को कुछ सीटों पर फायदा दिखाया गया, लेकिन यह सर्वे भी बहुत ही करीबी मार्जिन से था।
क्यों महत्वपूर्ण हैं एग्जिट पोल्स?
एग्जिट पोल्स हमें चुनाव के दौरान जनता के रुझान का अनुमान लगाने का एक जरिया देते हैं, हालांकि ये 100 प्रतिशत सही नहीं होते। यह केवल एक दिशा दर्शाते हैं, लेकिन असल परिणाम मतदान के दिन सामने आते हैं। यह भी देखा गया है कि एग्जिट पोल्स कभी-कभी परिणामों से मेल नहीं खाते, लेकिन फिर भी इनकी भूमिका चुनावी माहौल को समझने में अहम होती है।
दिल्ली में कौन होंगे अगले मुख्यमंत्री?
दिल्ली विधानसभा चुनावों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस बार मुख्यमंत्री कौन बनेगा? क्या दिल्ली की जनता भाजपा को सत्ता में वापस लाएगी, या फिर अरविंद केजरीवाल चौथी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बनेंगे?
अभी तक, केजरीवाल ने दिल्ली में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पानी जैसे मुद्दों पर अपनी योजनाओं का प्रचार किया है, और उनके वादे लोगों को आकर्षित भी कर रहे हैं। वहीं भाजपा ने दिल्ली में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को प्राथमिकता दी है, और उन्हें उम्मीद है कि दिल्ली की जनता इस बार बदलाव की ओर बढ़ेगी।
जनता का क्या कहना है?
दिल्ली के कुछ मतदाता यह मानते हैं कि केजरीवाल ने पिछले चुनावों में अपने वादों को निभाया है, और इस बार भी AAP को वोट देंगे। वहीं कुछ लोग यह मानते हैं कि दिल्ली को अब बदलाव की जरूरत है और भाजपा को मौका देना चाहिए।
हालांकि, जनता का मूड इस बार भी विभाजित है। दिल्ली के चुनावी परिणाम का अनुमान लगाना बहुत ही कठिन हो गया है, क्योंकि दोनों प्रमुख पार्टियां जनता के बीच अपनी पकड़ बनाने में लगी हुई हैं।