दिल्ली 7 फरवरी – राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में किस पार्टी की सरकार बनेगी। जनता ने बुधवार को अपना फैसला वोटिंग मशीन में लॉक कर दिया। इसके बाद आए एग्जिट पोलों में करीब 26 साल बाद भाजपा की वापसी के संकेत दिए जा रहे हैं। हालांकि राजस्थान के फलोदी सट्टा बाजार ने एग्जिट पोलों को चुनौती दी है। बाजार ने आम आदमी पार्टी को सर्वाधिक सीटें दी हैं।
मतदान के बाद जारी हुए फलोदी सट्टा बाजार के नए भावों की बात करें तो दिल्ली में आप आदमी पार्टी की सरकार स्पष्ट बहुमत के साथ बनती नजर रही है। बाजार का अनुमान है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी 36 से 38 सीटें जीत सकती हैं। वहीं बाजार का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी के खाते में 32 से 34 सीटें जा सकती है। हालांकि बुधवार को मतदान के वक्त बाजार ने भाजपा और आप के बीच कांटे की टक्कर बताई थी। बाजार ने दोनों ही पार्टी को 34 से 36 सीटें दी थीं।
भाजपा का दमदार प्रदर्शन:
दिल्ली में वोटिंग के बाद जारी एग्जिट पोल सही साबित होते हैं, तो भाजपा करीब 26 साल बाद दिल्ली की सत्ता पर वापसी करेगी और आप के गढ़ को ध्वस्त कर देगी। राष्ट्रीय सुरक्षा, शासन और विकास पर पार्टी के फोकस ने मतदाताओं की भावनाओं को प्रभावित करने में भूमिका निभाई होगी।
एग्जिट पोल में आप को झटका:
अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी, जिसने 2020 में 70 में से 62 सीटें जीतकर शानदार जीत हासिल की थी, उसे बड़ा झटका लगता दिख रहा है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में प्रयासों के बावजूद पार्टी अपनी जमीन खोती दिख रही है।
कांग्रेस बनी हुई है एक छोटी खिलाड़ी:
दिल्ली की राजनीति में कभी प्रमुख स्थान रखने वाली कांग्रेस अपनी प्रासंगिकता हासिल करने के लिए संघर्ष कर रही है, तथा सभी एजेंसियों के सर्वेक्षणों में लगभग सफाया होने का अनुमान लगाया जा रहा है। बता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 में आम आदमी पार्टी ने 70 सीटों में से 62 सीटों पर जीत हासिल की थी।
नोट : यहां पर दी गई जानकारी फलोदी में सट्टा बाजारों के जानकारों के माध्यम से दी गई है। हमारा उद्देश्य सट्टा को किसी भी प्रकार से प्रोत्साहन करना नहीं है।