नई दिल्ली 7 फरवरी – : दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) वीके सक्सेना ने आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रत्याशियों की खरीद-फरोख्त के आरोपों की जांच के आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से शिकायत मिलने के बाद की गई है।
भाजपा ने उपराज्यपाल को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि दिल्ली विधानसभा चुनावों और हालिया राज्यसभा चुनावों के दौरान आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों को चयनित करने में अनियमितताएं हुईं। पार्टी ने दावा किया कि AAP नेताओं ने टिकट वितरण में धन के लेन-देन को बढ़ावा दिया और बाहरी व्यक्तियों को फायदा पहुंचाया।
भाजपा ने लगाए गंभीर आरोप
भाजपा ने अपनी शिकायत में कहा कि आम आदमी पार्टी ने योग्य उम्मीदवारों की अनदेखी कर कुछ खास लोगों को पैसे लेकर टिकट दिया। आरोपों के अनुसार, पार्टी के अंदरूनी स्तर पर भी इस फैसले को लेकर असंतोष था, लेकिन दबाव में कोई खुलकर बोल नहीं सका। भाजपा ने यह भी मांग की कि इन आरोपों की विस्तृत जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
LG ने दिए जांच के आदेश
शिकायत मिलने के बाद उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां जल्द ही इस मामले में सबूत जुटाने और गवाहों के बयान लेने का काम शुरू कर सकती हैं।
LG कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि यह जांच पारदर्शी तरीके से होगी और अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
AAP का पलटवार
आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है। पार्टी प्रवक्ता ने कहा, “भाजपा चुनावों से पहले AAP को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। हमारे प्रत्याशी जनता की सेवा के लिए चुने जाते हैं, न कि पैसों के दम पर। यह मामला पूरी तरह से निराधार है।”
AAP ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा खुद विधायकों की खरीद-फरोख्त में शामिल रही है और अब वह अन्य दलों पर झूठे आरोप लगा रही है।
भाजपा ने की CBI जांच की मांग
भाजपा ने उपराज्यपाल से मांग की है कि इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। पार्टी नेताओं ने कहा कि अगर जांच निष्पक्ष होती है, तो कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
क्या होगा आगे?
अब सबकी नजरें इस जांच की दिशा और इसके नतीजों पर टिकी हैं। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो आम आदमी पार्टी को चुनावी माहौल में बड़ा झटका लग सकता है। वहीं, अगर आरोप गलत साबित होते हैं, तो भाजपा की रणनीति पर सवाल उठ सकते हैं।
इस मामले में आने वाले दिनों में कई और खुलासे होने की संभावना है, जिससे दिल्ली की राजनीति और गरमा सकती है।