नई दिल्ली 7 फरवरी -: दिल्ली की राजनीति में हलचल तब बढ़ गई जब भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) की टीम मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर पहुंची। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में की गई है।
ACB अधिकारियों की यह टीम शुक्रवार सुबह केजरीवाल के सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास पर पहुंची। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई, और दिल्ली पुलिस के जवानों को भी मौके पर तैनात किया गया। हालाँकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि यह कार्रवाई किसी विशेष मामले से जुड़ी है या फिर सामान्य जांच का हिस्सा है।
क्या है पूरा मामला?
सूत्रों के अनुसार, ACB की यह कार्रवाई दिल्ली सरकार से जुड़े किसी विभाग में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच से संबंधित हो सकती है। हालांकि, इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। इससे पहले भी ACB दिल्ली सरकार से जुड़े कई मामलों की जांच कर चुकी है, जिनमें कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप शामिल रहे हैं।
केजरीवाल की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ओर से अब तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के कुछ नेताओं ने इस कार्रवाई को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ करार दिया है और आरोप लगाया है कि यह केंद्र सरकार के इशारे पर हो रहा है। पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि दिल्ली सरकार की लोकप्रियता को देखते हुए विपक्ष इस तरह की जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रहा है।
ACB की इस कार्रवाई के राजनीतिक और प्रशासनिक प्रभावों को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। अगर इस मामले में कोई बड़ा खुलासा होता है, तो दिल्ली की राजनीति में एक नई बहस छिड़ सकती है। वहीं, आम आदमी पार्टी के समर्थक इसे सरकार के खिलाफ एक साजिश बता रहे हैं।
फिलहाल, इस मामले की पूरी सच्चाई आने वाले दिनों में जांच के बाद ही सामने आएगी।