
नई दिल्ली, 7 फरवरी:
दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों के ऐलान में अब सिर्फ 15 घंटे का समय बचा है। इस बार का चुनाव बेहद रोमांचक रहा है और सभी प्रमुख दल—आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस—अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। लेकिन एग्जिट पोल और शुरुआती रुझानों के मुताबिक, AAP और BJP के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है, जबकि कांग्रेस के लिए हालात अच्छे नजर नहीं आ रहे हैं।
एग्जिट पोल: कौन किस स्थान पर?
विभिन्न मीडिया चैनलों और राजनीतिक विश्लेषकों के एग्जिट पोल के मुताबिक, दिल्ली में इस बार BJP को 36, AAP को 30 और कांग्रेस को 3 सीटें मिलने की संभावना है।
पार्टी | अनुमानित सीटें |
---|---|
भाजपा (BJP) | 36 |
आम आदमी पार्टी (AAP) | 30 |
कांग्रेस (INC) | 3 |
अन्य | 1 |
अगर ये आंकड़े सटीक साबित होते हैं, तो दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने का रास्ता साफ हो सकता है और AAP को सत्ता से बाहर होना पड़ सकता है। वहीं, कांग्रेस अपने वजूद को बचाने के लिए संघर्ष करती नजर आ रही है।
मुख्यमंत्री पद के दावेदारों का आत्मविश्वास बरकरार
दिल्ली में इस बार तीन प्रमुख पार्टियों के कई नेता मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं।
BJP के प्रमुख चेहरे:
- प्रवेश वर्मा: दिल्ली के लोकसभा सांसद और भाजपा के चर्चित चेहरे, जो इस चुनाव में भी मजबूत स्थिति में बताए जा रहे हैं।
- रमेश बिधूड़ी: दक्षिणी दिल्ली से भाजपा के वरिष्ठ नेता, जो अपनी आक्रामक राजनीति के लिए जाने जाते हैं।
- मनोज तिवारी: भोजपुरी फिल्म स्टार से राजनेता बने मनोज तिवारी भाजपा के मजबूत दावेदारों में से एक हैं और पूर्व में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष रह चुके हैं।
AAP के संभावित मुख्यमंत्री:
- अरविंद केजरीवाल: आम आदमी पार्टी के संयोजक और दो बार दिल्ली के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, जो इस बार भी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं।
- मनीष सिसोदिया: पूर्व उपमुख्यमंत्री, जो शिक्षा और विकास कार्यों के कारण जनता के बीच लोकप्रिय हैं।
- आतिशी मार्लेना: AAP की प्रमुख नेत्री, जिन्हें पार्टी का नया चेहरा माना जा रहा है।
कांग्रेस के मुख्यमंत्री दावेदार:
- संदीप दीक्षित: पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, जो अपनी मां की विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
- हल्का लंबा: दिल्ली कांग्रेस के चर्चित चेहरे, जो इस चुनाव में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।
- गौरव भल्ला: युवा नेता, जो कांग्रेस को पुनर्जीवित करने की कोशिश में जुटे हैं।
क्या एग्जिट पोल होंगे सही साबित?
पिछले कुछ चुनावों में एग्जिट पोल कई बार गलत भी साबित हुए हैं। 2015 और 2020 में भी दिल्ली चुनाव को लेकर ऐसे अनुमान सामने आए थे, लेकिन नतीजे बिल्कुल अलग थे। भाजपा इस बार एग्जिट पोल को सही मान रही है, जबकि AAP और कांग्रेस इन्हें खारिज कर रही हैं।
राजनीतिक माहौल गरमाया, आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी
दिल्ली चुनाव प्रचार के दौरान जबरदस्त बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी रहा।
- भाजपा ने AAP सरकार पर भ्रष्टाचार, दिल्ली में बिगड़ती कानून व्यवस्था और फ्री योजनाओं के नाम पर गुमराह करने का आरोप लगाया।
- AAP ने भाजपा पर विकास कार्यों में अड़चन डालने और झूठे वादे करने का आरोप लगाया।
- कांग्रेस, जो तीसरी सबसे कमजोर पार्टी बनकर उभरी है, ने दोनों दलों पर हमला बोलते हुए कहा कि ये दोनों पार्टियां दिल्ली की जनता को असली मुद्दों से भटका रही हैं।
अब देखना यह होगा कि जनता ने किसे अपना नेता चुना है।
नेताओं की धड़कनें तेज, 15 घंटे का इंतजार भारी
अब जब सिर्फ 15 घंटे बाद दिल्ली विधानसभा चुनावों के नतीजे आने वाले हैं, तो हर पार्टी के दावेदारों की धड़कनें तेज हो गई हैं। भाजपा और AAP के नेताओं में जहां उत्साह नजर आ रहा है, वहीं कांग्रेस में मायूसी का माहौल बना हुआ है।
अब सवाल यही है कि क्या दिल्ली में भाजपा इतिहास रचने जा रही है? क्या AAP सत्ता में बने रहने में सफल होगी? या फिर कांग्रेस कोई चौंकाने वाला प्रदर्शन करेगी? इन सभी सवालों के जवाब कल मतगणना के बाद मिलेंगे।