पटना 8 फरवरी – : बिहार सरकार के 9 लाख से अधिक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को वेतन और पेंशन मिलने में देरी हो रही है। इसका कारण यह है कि राज्य सरकार का खाता पिछले 36 दिनों से फ्रीज है। इसमें सरकारी स्कूलों के शिक्षक, पुलिस कर्मी, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, पंचायत कर्मी और अन्य सरकारी कर्मचारी शामिल हैं।
बिहार सरकार का खाता 36 दिनों से फ्रीज होने की वजह से सरकारी भुगतान नहीं हो पा रहा है। इस कारण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लेकर मंत्रियों, विधायकों और अन्य अधिकारियों के भी बिल अटके हुए हैं। राज्य सरकार के लिए यह बड़ी प्रशासनिक चुनौती बन गई है, जिससे विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
कर्मचारियों की परेशानी बढ़ी
वेतन रुकने के कारण हजारों शिक्षकों और पुलिसकर्मियों को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षक संघों और कर्मचारी संगठनों ने सरकार से जल्द समाधान की मांग की है।
सरकार ने क्या कहा?
राज्य सरकार के अधिकारियों का कहना है कि इस समस्या का समाधान निकालने के लिए उच्च स्तर पर बैठकें हो रही हैं। वित्त विभाग जल्द ही इसका हल निकालने का प्रयास कर रहा है। हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला बोला है। उनका कहना है कि सरकार की वित्तीय स्थिति कमजोर हो चुकी है, जिससे सरकारी कर्मियों का वेतन भी रुक गया है।
जल्द समाधान की उम्मीद
सूत्रों के अनुसार, सरकार इस मामले को सुलझाने के लिए केंद्र से आर्थिक सहयोग लेने पर विचार कर रही है। यदि जल्दी समाधान नहीं निकला तो कर्मचारी संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जाने की संभावना है।