नई दिल्ली 8 फरवरी – । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल के दौरान अब तक हुए आठ राज्यों के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके सहयोगी दलों को बड़ी सफलता मिली है। एनडीए (राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन) ने इनमें से छह राज्यों में जीत हासिल की है, जिससे उसकी राजनीतिक पकड़ और मजबूत हुई है।
8 राज्यों में हुए चुनाव, NDA ने 6 में मारी बाजी
2024 के लोकसभा चुनाव के बाद से देश के विभिन्न राज्यों में विधानसभा चुनावों का सिलसिला जारी है। इन चुनावों में भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए छह राज्यों में सरकार बनाने में सफलता हासिल की। इनमें हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश और ओडिशा शामिल हैं।
वहीं, कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में जीत दर्ज की, जिससे इन राज्यों में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, समग्र रूप से एनडीए ने अधिक राज्यों में सत्ता हासिल करके अपनी स्थिति मजबूत की है।
27 साल बाद दिल्ली में सत्ता में वापसी
सबसे बड़ी राजनीतिक हलचल दिल्ली में देखने को मिली, जहां भाजपा ने 27 साल बाद सत्ता में वापसी की। राजधानी में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार को करारी शिकस्त मिली, और भाजपा ने पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई। दिल्ली में इससे पहले 1998 में भाजपा ने आखिरी बार सरकार बनाई थी, जिसके बाद कांग्रेस और फिर आम आदमी पार्टी का दबदबा रहा था।
राजनीतिक विश्लेषकों की राय
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा की इस सफलता के पीछे नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता, केंद्र सरकार की नीतियां और बूथ स्तर पर मजबूत संगठनात्मक ढांचा है। इसके अलावा, राज्यों में किए गए विकास कार्य और चुनावी रणनीति ने भी एनडीए को लाभ पहुंचाया।
आगे की चुनौतियां
भाजपा के लिए यह जीत जितनी महत्वपूर्ण है, उतनी ही बड़ी चुनौती आगे के राज्यों के चुनाव भी होंगे। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में अगले साल चुनाव होने हैं, जहां विपक्ष मजबूत स्थिति में है। भाजपा के लिए इन राज्यों में अपनी पकड़ बनाना आसान नहीं होगा।
एनडीए की लगातार बढ़ती ताकत से यह साफ संकेत मिलता है कि मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में भाजपा का प्रभाव बरकरार है। हालांकि, आने वाले चुनावों में पार्टी को विपक्षी गठबंधनों से कड़ी टक्कर मिल सकती है। अब देखना होगा कि भाजपा अपनी मौजूदा सफलता को बरकरार रखते हुए आगे भी अपने प्रभाव का विस्तार कर पाती है या नहीं।