अलीगढ़9 फरवरी – : अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के सुलेमान हॉस्टल में बीफ बिरयानी के नोटिस को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस नोटिस के सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने नाराजगी जताते हुए इसे धार्मिक आस्था के खिलाफ बताया और यूनिवर्सिटी प्रशासन से स्पष्टीकरण की मांग की है।
सूत्रों के अनुसार, सुलेमान हॉस्टल में लगे एक नोटिस में मेन्यू में बीफ बिरयानी का जिक्र किया गया था। जैसे ही यह नोटिस सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, हिंदूवादी संगठनों ने कड़ा ऐतराज जताया और इसे हिंदू समाज की भावनाओं से खिलवाड़ बताया।
हिंदू संगठनों का विरोध, वाइस चांसलर के खिलाफ कार्रवाई की मांग
इस विवाद को लेकर हिंदू जागरण मंच और विश्व हिंदू परिषद (VHP) सहित कई संगठनों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदर्शनकारियों ने वाइस चांसलर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यह कदम हिंदू आस्थाओं का अपमान है।
हिंदू जागरण मंच के नेता ने कहा,
“AMU जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में अगर ऐसा किया जा रहा है तो यह बेहद आपत्तिजनक है। हम इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेंगे और मांग करते हैं कि प्रशासन जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई करे।”
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने दी सफाई
मामले के तूल पकड़ने के बाद AMU प्रशासन ने सफाई दी है कि,
“यूनिवर्सिटी में सभी धर्मों और समुदायों का सम्मान किया जाता है। यह नोटिस किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं लगाया गया था, बल्कि एक सामान्य मेन्यू का हिस्सा था।”
स्थानीय प्रशासन सतर्क, विवाद बढ़ने की आशंका
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी सतर्क हो गया है। अलीगढ़ पुलिस के अधिकारियों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से बातचीत कर माहौल को शांत रखने की अपील की है।
यह मुद्दा सोशल मीडिया पर भी तेजी से फैल रहा है। कई लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला बताया, जबकि कुछ का कहना है कि AMU प्रशासन को इस तरह के विवादित फैसलों से बचना चाहिए।
क्या होगा आगे?
फिलहाल, AMU प्रशासन ने इस मामले में आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, हिंदूवादी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस विवाद को कैसे संभालता है और क्या इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई होती है या नहीं।