दिल्ली 9 फरवरी -दिल्ली विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इसके साथ ही अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? बीजेपी के भीतर इस पद के लिए दावेदारों की संख्या बढ़ती जा रही है और पार्टी जल्द ही नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा कर सकती है।
प्रवेश वर्मा सबसे मजबूत दावेदार
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को हराने वाले प्रवेश वर्मा इस दौड़ में सबसे मजबूत उम्मीदवार माने जा रहे हैं। उनकी यह जीत पार्टी के लिए बड़ी रणनीतिक सफलता मानी जा रही है। बीजेपी नेतृत्व को लगता है कि प्रवेश वर्मा की जीत पार्टी के लिए स्थानीय नेताओं में विश्वास बढ़ाने का संकेत हो सकती है।
मनोज तिवारी – पूर्वांचली वोटबैंक का बड़ा चेहरा
बीजेपी सांसद मनोज तिवारी भी इस रेस में शामिल हैं। दिल्ली में पूर्वांचली मतदाताओं की संख्या काफी अधिक है, और इस वर्ग का समर्थन बीजेपी को मजबूती देता है। मनोज तिवारी की लोकप्रियता और पूर्वांचलियों के बीच पकड़ उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए एक मजबूत दावेदार बनाती है।
सिख चेहरे को आगे कर सकती है बीजेपी – सिरसा और लवली दावेदार
बीजेपी की रणनीति दिल्ली के सिख और पंजाबी मतदाताओं को साधने की भी हो सकती है। इसीलिए मनजिंदर सिंह सिरसा और अरविंदर सिंह लवली को भी मुख्यमंत्री पद की रेस में रखा गया है। दोनों नेता सिख समुदाय में प्रभाव रखते हैं और पार्टी को लगता है कि इनका चयन दिल्ली में AAP की पकड़ कमजोर करने में मददगार हो सकता है, खासकर पंजाब में।
बीजेपी की रणनीति और केंद्रीय नेतृत्व की भूमिका
बीजेपी दिल्ली में स्थानीय नेतृत्व को मजबूत करने और सभी वर्गों को साधने की कोशिश कर रही है। केंद्रीय नेतृत्व इस मुद्दे पर जल्द निर्णय ले सकता है। गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चर्चा के बाद मुख्यमंत्री पद के नाम पर मुहर लग सकती है।
जल्द हो सकता है ऐलान
बीजेपी सूत्रों के अनुसार, पार्टी अगले कुछ दिनों में मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा कर सकती है। दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर पार्टी के भीतर बैठकों का दौर तेज हो चुका है और जल्द ही नए मुख्यमंत्री का नाम सामने आ सकता है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी किसे दिल्ली की कमान सौंपती है और पार्टी की आगे की रणनीति क्या रहती है।