नई दिल्ली 9 फरवरी – दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे सामने आ चुके हैं, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है। भाजपा ने 70 में से 48 सीटों पर जीत दर्ज कर आम आदमी पार्टी (AAP) को करारी शिकस्त दी है। इस जीत के साथ ही अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा?
भाजपा की रणनीति और संभावित चेहरे
भाजपा ने इस चुनाव में मुख्यमंत्री पद के लिए किसी भी नेता का नाम पहले से घोषित नहीं किया था। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नेतृत्व के चेहरे पर चुनाव लड़ा, जिसके चलते कई दावेदारों के नाम अब चर्चा में हैं।
मुख्यमंत्री पद के संभावित उम्मीदवार:
रमेश बिधूड़ी – दक्षिण दिल्ली से सांसद और मजबूत जमीनी पकड़ वाले नेता।
मनोज तिवारी – उत्तर-पूर्वी दिल्ली से सांसद, भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में प्रसिद्धि और पूर्वांचली मतदाताओं के बीच लोकप्रिय।
विजेंद्र गुप्ता – वरिष्ठ भाजपा नेता, रोहिणी से विधायक और विधानसभा में विपक्ष के पूर्व नेता।
प्रवेश वर्मा – पश्चिमी दिल्ली से सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के पुत्र।
सतीश उपाध्याय – पूर्व दिल्ली भाजपा अध्यक्ष, संगठन में अच्छी पकड़ रखने वाले नेता।
दिल्ली में भाजपा की जीत के पीछे कारण
भाजपा की इस ऐतिहासिक जीत के पीछे कई अहम कारण माने जा रहे हैं:
मोदी सरकार की नीतियों – भाजपा ने दिल्ली में विकास, कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय मुद्दों को चुनाव प्रचार में प्राथमिकता दी।
‘डबल इंजन’ सरकार का नारा – भाजपा ने प्रचार के दौरान केंद्र और दिल्ली में एक ही सरकार होने के फायदे गिनाए।
आम आदमी पार्टी की कमजोर स्थिति – मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी कई विवादों और भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरी रही, जिससे उनकी लोकप्रियता को नुकसान हुआ।
भाजपा नेतृत्व की बैठक जल्द
भाजपा के वरिष्ठ नेता और नवनिर्वाचित विधायक जल्द ही बैठक कर मुख्यमंत्री पद पर निर्णय लेंगे। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व किसी अनुभवी और जनाधार वाले नेता को दिल्ली की कमान सौंपने पर विचार कर रहा है।
जनता की उम्मीदें बढ़ीं
भाजपा की इस शानदार जीत के बाद दिल्ली की जनता को उम्मीद है कि नई सरकार राजधानी के बुनियादी ढांचे, ट्रैफिक, जल संकट और प्रदूषण जैसी प्रमुख समस्याओं के समाधान पर काम करेगी।
अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि भाजपा किसे दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री बनाती है। पार्टी के अंदर गहन मंथन जारी है और जल्द ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।