भारत में कैंसर का बढ़ता खतरा: महिलाओं में ये दो प्रकार सबसे घातक!
दिल्ली 9 फरवरी -कैंसर दुनियाभर में मौतों का एक प्रमुख कारण बन चुका है। हर साल लाखों लोग इस जानलेवा बीमारी का शिकार हो रहे हैं, और भारत भी इससे अछूता नहीं है। बीते वर्षों में देश में कैंसर के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2019 में भारत में करीब 12 लाख नए कैंसर मरीज सामने आए थे, और 9.3 लाख लोगों की इस बीमारी के कारण मौत हो गई थी। यह आंकड़ा भारत को एशिया में दूसरा सबसे अधिक प्रभावित देश बनाता है।
महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे ये दो कैंसर
विशेषज्ञों के अनुसार, महिलाओं में दो तरह के कैंसर सबसे अधिक जानलेवा साबित हो रहे हैं—
- स्तन कैंसर (Breast Cancer)
- गर्भाशय ग्रीवा कैंसर (Cervical Cancer)
1. स्तन कैंसर – महिलाओं में सबसे आम
स्तन कैंसर (Breast Cancer) महिलाओं में सबसे ज्यादा पाया जाने वाला कैंसर है। भारतीय महिलाओं में यह कैंसर से होने वाली कुल मौतों में सबसे आगे है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हर साल लगभग 2 लाख से अधिक महिलाएं स्तन कैंसर की शिकार होती हैं। इसकी पहचान शुरुआती चरण में हो जाए तो इलाज संभव होता है, लेकिन अWARENESS की कमी और देर से डायग्नोसिस के कारण यह जानलेवा बन जाता है।
स्तन कैंसर के प्रमुख कारण:
- गलत लाइफस्टाइल और खराब खानपान
- अत्यधिक तनाव और अनियमित दिनचर्या
- हार्मोनल असंतुलन
- जेनेटिक फैक्टर (परिवार में पहले किसी को कैंसर होना)
बचाव के उपाय:
- नियमित हेल्थ चेकअप और मैमोग्राफी टेस्ट
- स्वस्थ आहार और एक्सरसाइज
- धूम्रपान और शराब से बचाव
- शुरुआती लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क
2. गर्भाशय ग्रीवा कैंसर – दूसरी सबसे घातक बीमारी
गर्भाशय ग्रीवा कैंसर (Cervical Cancer) महिलाओं में दूसरा सबसे घातक कैंसर है। यह एचपीवी वायरस (Human Papillomavirus – HPV) के संक्रमण के कारण होता है। भारत में हर साल करीब 1 लाख महिलाएं इस कैंसर की चपेट में आती हैं, जिनमें से आधे से ज्यादा की मौत हो जाती है।
गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के प्रमुख कारण:
- असुरक्षित यौन संबंध और HPV संक्रमण
- धूम्रपान और नशे की लत
- कमजोर इम्यून सिस्टम
- सही समय पर वैक्सीन न लगवाना
बचाव के उपाय:
- HPV वैक्सीन लगवाना (11-26 साल की उम्र में सबसे प्रभावी)
- नियमित पैप स्मीयर टेस्ट कराना
- सुरक्षित और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना
- धूम्रपान और नशीली चीजों से बचाव
कैंसर से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर महिलाएं समय पर रूटीन हेल्थ चेकअप कराएं और शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें, तो कैंसर से बचा जा सकता है। इसके अलावा, संतुलित आहार, एक्सरसाइज और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर इस बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सरकार की ओर से कैंसर रोकथाम के प्रयास
भारत सरकार HPV वैक्सीन को बढ़ावा देने, कैंसर स्क्रीनिंग कैंप आयोजित करने और फ्री मेडिकल हेल्थ चेकअप जैसी योजनाओं के जरिए इस बीमारी को रोकने की कोशिश कर रही है। लेकिन सफलता के लिए आम जनता को भी जागरूक होना जरूरी है।
कैंसर तेजी से भारतीय महिलाओं को अपना शिकार बना रहा है, खासकर स्तन कैंसर और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हालांकि, समय पर स्क्रीनिंग, सही उपचार और लाइफस्टाइल में बदलाव से इस बीमारी से बचा जा सकता है। स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना ही सबसे अच्छा बचाव है.