वाराणसी 10 फरवरी -। महाकुंभ के पलट प्रवाह से आध्यात्मिक नगरी काशी जाम से बेहाल है।श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाने के बाद काशी पहुंच रहे हैं।श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से जाम की स्थिति है।वाहनों के भीषण जाम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने दूसरे जिलों और राज्यों से आने वाली गाड़ियों पर माघ पूर्णिमा यानी 12 फरवरी तक रोक लगा दी है।
वाहन को आध्यात्मिक नगरी काशी में प्रवेश नही-
यूपी-65 को छोड़कर अन्य किसी भी नंबर प्लेट वाले वाहन को आध्यात्मिक नगरी काशी में प्रवेश नही करने दिया जा रहा है।व्यापारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यापारिक गतिविधियों में लगी गाड़ियां रात 12 से तड़के 4 बजे तक विशेश्वरगंज मंडी और पहड़िया मंडी तक ट्रकों और गाड़ियों को जाने दिया जा रहा है।दूसरे जिलों और राज्यों से सामान लेकर आने वाले लोडेड ट्रकों को कागजी कार्रवाई पूरी कर जाने दिया जा रहा है।
बाईपास पर पार्किंग में खड़ा कराया जा रहा-
प्रयागराज से बनारस की तरफ आने वाली अन्य जिलों और राज्यों की गाड़ियों को मोहन सराय और जगतपुर में रोका जा रहा है।यहां पार्किंग की व्यवस्था की गई है।रिंग रोड से बाबतपुर से आने वाली गाड़ियों को हरहुआ में रोका जा रहा है, जबकि हाईवे से आने वाली गाड़ियों को डाफी बाईपास पर पार्किंग में खड़ा कराया जा रहा है।
निजी वाहनों से आने वाले श्रद्धालु पार्किंग स्थल से ऑटो और ई रिक्शा के जरिए काशी में प्रवेश कर रहे हैं।प्रयागराज-वाराणसी हाईवे पर बुरी तरह से जाम लगा हुआ है।कई कई घंटे लोग जाम में फंसे हुए हैं।मिर्जामुराद से मोहनसराय तक लगे लंबे जाम से लोग हाईवे के किनारे ही गाड़ियों में सो जा रहे हैं।तीन घंटे का सफर 12 घंटे में पूरा हो रहा है।
बिहार और बंगाल से आने वाली ट्रेनों के दरवाजे अंदर से बंद किए जा रहे-
कैंट रेलवे स्टेशन पर हालत ये है कि कुंभ स्पेशल ट्रेनों में पैर रखने तक को जगह नही है।सड़क मार्ग पर भीषण जाम से सारा दबाव अब रेलवे स्टेशन पर पड़ रहा है।हररोज तीन लाख यात्रियों की आवाजही इस समय वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से हो रही है।बिहार और बंगाल से आने वाली ट्रेनों के दरवाजे अंदर से बंद किए जा रहे हैं।आरपीएफ को दरवाजे खुलवाने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।