चंडीगढ़ 10 फरवरी -: दिल्ली नगर निगम चुनावों में आम आदमी पार्टी (AAP) को करारी हार का सामना करना पड़ा, जिससे कांग्रेस भी खुश है। भले ही कांग्रेस खुद दिल्ली में खाता नहीं खोल पाई, लेकिन उसकी असली खुशी पंजाब में देखने को मिल रही है। कांग्रेस को लगता है कि दिल्ली में AAP की गिरती साख का असर पंजाब में भी पड़ेगा और 2027 के विधानसभा चुनावों में उसे फायदा मिल सकता है।
पंजाब में कांग्रेस की रणनीति
दिल्ली में कमजोर होने के बावजूद कांग्रेस पंजाब में मजबूत स्थिति में है और मुख्य विपक्षी दल के रूप में मौजूद है। पार्टी को भरोसा है कि अगर वह सही रणनीति अपनाए तो 2027 में आम आदमी पार्टी को कड़ी टक्कर देकर सत्ता में वापसी कर सकती है। इसी वजह से कांग्रेस ने अभी से ही आम आदमी पार्टी के अंदर सेंध लगाने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।
AAP के 35 विधायक कांग्रेस के संपर्क में?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आम आदमी पार्टी के करीब 35 विधायक कांग्रेस नेताओं के संपर्क में हैं। यह खबर आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकती है। जानकार सूत्रों का कहना है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी के कई विधायक पार्टी की कार्यशैली से नाराज हैं और कांग्रेस के संपर्क में आ रहे हैं।
केजरीवाल की बढ़ी चिंता, विधायकों की बुलाई बैठक
AAP में मची इस हलचल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की चिंता बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि पार्टी में संभावित बगावत को रोकने के लिए उन्होंने दिल्ली और पंजाब के विधायकों की आपात बैठक बुलाई है। आम आदमी पार्टी के अंदर चल रही इस उथल-पुथल ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को संकट में डाल दिया है।
‘घर वापसी’ को तैयार आप के नेता?
सूत्रों का कहना है कि कई ऐसे नेता, जो पहले कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे, अब दोबारा कांग्रेस में लौटने के लिए तैयार हैं। कांग्रेस इस मौके को भुनाने के लिए पूरी तरह से तैयार नजर आ रही है और अगर यह रणनीति सफल होती है तो आम आदमी पार्टी को पंजाब में बड़ा नुकसान हो सकता है।
क्या कांग्रेस पंजाब में वापसी कर पाएगी?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कांग्रेस आम आदमी पार्टी के विधायकों को अपनी ओर खींचने में कामयाब होती है, तो पंजाब में 2027 का चुनाव बेहद दिलचस्प हो सकता है। कांग्रेस इस समय पंजाब में खुद को मजबूत करने की कोशिशों में जुटी हुई है और अगर आम आदमी पार्टी में टूट होती है, तो कांग्रेस को सीधा फायदा मिलेगा।
अब देखना यह होगा कि अरविंद केजरीवाल इस राजनीतिक संकट से कैसे निपटते हैं और क्या आम आदमी पार्टी अपने विधायकों को कांग्रेस में जाने से रोक पाएगी या नहीं। पंजाब की राजनीति में आने वाले दिनों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।