महाकुंभ11 फरवरी – । संगम में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए असंख्य श्रद्धालु अब भी देश के विभिन्न हिस्से से आ रहे हैं। राजमार्गों पर वाहन लगातार रेंग रहे हैं। प्रयागराज से मध्य प्रदेश के कटनी तक लगभग 300 किलोमीटर लंबे जाम में श्रद्धालु हलकान हैं। यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए प्रयागराज के समीपवर्ती जिले और दूसरे राज्यों में वाहनों को डायवर्ट किया गया है।
हाईवे के किनारे अलग-अलग स्थान पर पार्किंग स्थल बना दिए गए हैं, जहां श्रद्धालुओं को वाहन खड़ा कराया जा रहा है, लेकिन वहां से शटल बस सहित दूसरे साधन नहीं मिल रहे हैं, जिससे कई किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ रहा है। बांदा-चित्रकूट, मिर्जापुर, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर के रास्ते प्रयागराज आने वाले वाहन सुबह तक जाम का झाम झेलते रहे, लेकिन दोपहर बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हुआ।
श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का करना पड़ रहा है सामना
सड़क मार्ग से संगम जाने वाले रास्ते पर भारी भीड़ होने से श्रद्धालुओं को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ गुरुवार से उमड़नी शुरू हुई थी। सप्ताहांत में भीड़ अत्यधिक हो गई और प्रयागराज को जोड़ने वाले सभी राजमार्गों पर भीषण जाम लग गया था। इससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई थी।
एमपी से आने वाले श्रद्धालु कई घंटों तक जाम में फंसे
मध्य प्रदेश के रीवा, चित्रकूट के अलावा दिल्ली, लखनऊ, बिहार की तरफ से आने वाले श्रद्धालु भी कई-कई घंटे जाम में फंसे रहे। इससे वह खाना-पानी के लिए भी परेशान रहे। रविवार रात से लेकर सोमवार दोपहर तक यह स्थिति रही। महाकुंभ मेला क्षेत्र में वीआइपी आगमन के चलते हाईवे पर वाहनों को डायवर्ट कर दिया गया था।
दोपहर बाद पुलिस अधिकारियों ने यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए मेला से लेकर बाहरी क्षेत्र में खड़े वाहनों को उनके गंतव्य की ओर तेजी से भिजवाना शुरू किया। इसके साथ ही आने वाले वाहनों को निकटस्थ पार्किंग तक पहुंचाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। तब कहीं जाकर धीरे-धीरे जाम का झाम कुछ हद तक कम हुआ। रेंगते हुए आ रहे वाहन और फिर पैदल चलने के कारण श्रद्धालुओं का संगम तक पहुंचना कठिन हो रहा है।
तीसरे दिन मप्र में सीमावर्ती जिलों से ट्रैफिक बढ़ाया गया
महाकुंभ में जाने के लिए श्रद्धालुओं की बेतहाशा भीड़ के कारण बीते तीन दिनों से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों से आवाजाही लगभग थमी हुई है। सोमवार दोपहर महाकुंभ में भीड़ का दवाब कम होने की सूचना के बाद पुलिस-प्रशासन ने बैरिकेडिंग हटाकर वाहनों को आगे बढ़वाना शुरू किया।
हालांकि, टोल नाकों और बैरिकेडिंग प्वॉइंटों पर बड़ी संख्या में वाहनों का जमघट लगा हुआ है। वाहन रेंगते हुए ही आगे बढ़ पा रहे हैं। रीवा जिले में चाकघाट और चित्रकूट सीमा पर ट्रैफिक बहुत अधिक है। वाहनों को बहुत धीमी गति से ही आगे बढ़ाने में पुलिसकर्मियों को बेहद मशक्कत करनी पड़ रही है।
बता दें कि रविवार को ट्रैफिक की रफ्तार ऐसी रही कि वाहन आठ घंटे में महज 20 किलोमीटर ही रेंग पा रहे थे। उमड़ती भीड़ को देखते हुए सोमवार को सुबह जबलपुर के सिरोहा, रीवा के चाकघाट, सतना, मैहर, कटनी और सिवनी में बायपास पर वाहनों को रोक दिया गया, जिससे इस मार्ग में करीब 35000 छोटे और 150 बड़े वाहन फंस गए।
दोपहर महाकुंभ स्थल और प्रयागराज में वाहनों की संख्या कम होने की सूचना मिली तो अधिकारियों ने पुलिस कर्मियों को लगाकर चाकघाट और चित्रकूट से वाहनों की रवानगी शुरू कराई।
मप्र के मुख्यमंत्री ने दिया जाम में फंसे लोगों को सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश
उधर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाकुंभ जाने वालों से अपील की है कि स्थिति सामान्य होने तक एक-दो दिन रीवा पहुंच मार्ग से आगे बढ़ने से बचें। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि सीमा क्षेत्रों में जहां भी जाम है, वहां यात्रियों के लिए पानी, भोजन और आवास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। श्रद्धालुओं को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।