नूंह 13 फरवरी – : मुख्यमंत्री हरियाणा की घोषणा के अनुपालन में नूंह जिले के पुन्हाना-जुरहेड़ा रोड से राजस्थान सीमा तक स्थित वाणिज्यिक टोल प्लाजा-42 पर टोल वसूली को बंद करने का निर्णय लिया गया है। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि इस निर्णय के तहत आगामी 17 फरवरी की रात 12 बजे के बाद से वाहनों से टोल नहीं लिया जाएगा। यह फैसला क्षेत्र के लोगों को राहत देने और यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
सरकार की पहल और निर्णय की पृष्ठभूमि
हरियाणा सरकार ने जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई क्षेत्रों में टोल मुक्त करने की नीति पर काम किया है। नूंह जिले के इस टोल प्लाजा को लेकर लंबे समय से स्थानीय लोगों और व्यापारियों द्वारा टोल वसूली को समाप्त करने की मांग उठाई जा रही थी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए टोल हटाने की घोषणा की थी, जिसका अब आधिकारिक रूप से पालन किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों को राहत
नूंह जिला मुख्य रूप से व्यापारिक और ग्रामीण परिवहन गतिविधियों से जुड़ा हुआ है। इस मार्ग पर टोल वसूली के कारण स्थानीय व्यापारियों और दैनिक यात्रियों को आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा था। टोल खत्म होने से न केवल उनके खर्च में कमी आएगी, बल्कि यातायात की सुगमता भी बढ़ेगी।
स्थानीय लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया है। कई व्यापारियों और वाहन चालकों का कहना है कि टोल समाप्त होने से उनकी रोजमर्रा की यात्रा आसान हो जाएगी और वे बिना अतिरिक्त शुल्क चुकाए अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकेंगे।
राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण
हरियाणा सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले को विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि सरकार लगातार जनता की मांगों पर ध्यान दे रही है और उसी के अनुरूप फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस निर्णय को प्रभावी ढंग से लागू करेगा और सुनिश्चित करेगा कि 17 फरवरी की रात 12 बजे के बाद टोल वसूली पूरी तरह से बंद कर दी जाए।
इसके अलावा, क्षेत्र के विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने भी इस निर्णय की सराहना की है। स्थानीय विधायक और अन्य नेताओं ने कहा कि यह फैसला आम जनता के हित में लिया गया है और इससे नूंह जिले की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
यातायात पर संभावित प्रभाव
टोल हटने से इस मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि टोल हटने के बाद वाहनों की संख्या में वृद्धि हो सकती है, जिससे सड़क पर अधिक भीड़ हो सकती है। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पहले से ही आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
यातायात पुलिस और जिला प्रशासन मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि टोल हटने के बाद भी सड़क पर यातायात बाधित न हो और किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। हरियाणा सरकार के इस निर्णय से नूंह जिले के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुपालन में प्रशासन ने इसे प्रभावी रूप से लागू करने की तैयारी कर ली है। 17 फरवरी की रात 12 बजे के बाद से टोल वसूली पूरी तरह से बंद हो जाएगी, जिससे स्थानीय व्यापारियों, किसानों और आम जनता को आर्थिक लाभ मिलेगा और यातायात सुगम होगा।