दिल्ली 14 फरवरी -दिल्ली में सत्ता गंवाने वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को नगर निगम में भी एक के बाद एक झटके लग रहे हैं। चुनाव से पहले लगभग आठ पार्षदों ने AAP छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया था। अब चुनाव परिणामों के बाद भी AAP पार्षदों का भाजपा में शामिल होने का सिलसिला जारी है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा के संपर्क में अभी भी करीब 20 पार्षद हैं।
रामचंद्र की वापसी और केजरीवाल पर हमला
इसी बीच, शाहबाद डेयरी के पार्षद रामचंद्र, जो पहले AAP छोड़कर भाजपा में गए थे, फिर वापस AAP में लौटे थे, अब एक बार फिर भाजपा में शामिल हो गए हैं। भाजपा में दोबारा वापसी करने के बाद उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला और उन्हें “सपनों में झूठा आश्वासन देने वाला नेता” करार दिया।
रामचंद्र का कहना है कि AAP में रहते हुए उन्हें लगा कि पार्टी की कथनी और करनी में अंतर है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी केवल प्रचार करने में व्यस्त रहती है और जमीनी स्तर पर जनता के लिए कुछ नहीं करती।
आप के लिए बढ़ती चुनौतियाँ
AAP के लिए यह झटका तब आया है जब पार्टी पहले ही कई राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है। एमसीडी में पकड़ मजबूत करने की कोशिशों के बीच पार्षदों का भाजपा में जाना केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ा सकता है। इससे न केवल पार्टी की छवि को नुकसान हो रहा है, बल्कि एमसीडी में भाजपा का प्रभाव और बढ़ता जा रहा है।
भाजपा की रणनीति
भाजपा की ओर से दावा किया जा रहा है कि AAP के और भी कई पार्षद भाजपा में शामिल हो सकते हैं। पार्टी का कहना है कि वे पार्षदों के लिए विकास की राजनीति को प्राथमिकता देते हैं, जबकि AAP में अंदरूनी कलह और नेतृत्व की कमजोरियों के कारण कई नेता भाजपा का रुख कर रहे हैं।
आगे देखने वाली बात होगी कि क्या आम आदमी पार्टी अपने पार्षदों को रोकने में सफल हो पाती है या भाजपा का यह अभियान जारी रहेगा।