गुरुग्राम, 14 फरवरी।गुरुग्राम और मानेसर नगर निगम मेयर पद को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में घमासान मचा हुआ है।
तीन दिन से लगातार चली बैठकों के बावजूद पार्टी अपने उम्मीदवार का चयन नहीं कर पाई है। बैठकों में नाराजगी की खबरें सामने आ रही हैं, और भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने क्षेत्र के सांसदों से सुझाव भी लिए, लेकिन मामला पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के फैसले पर अटक गया है।
हरियाणा में अभी भी सत्ता का केंद्र मनोहर लाल खट्टर बने हुए हैं, और राष्ट्रीय नेतृत्व टिकट वितरण में उनकी सहमति को सर्वोपरि मान रहा है। इस बार नगर निगम चुनाव विधानसभा चुनाव से भी अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं, जिसके चलते भाजपा नेताओं और मंत्रियों में भी आपसी तालमेल की कमी नजर आ रही है। वहीं, टिकटों को लेकर ऐसे नाम सामने आ रहे हैं जिनका भाजपा से कोई सीधा संबंध नहीं रहा है, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है।
गुरुग्राम में टिकट को लेकर उठा-पटक
गुरुग्राम में टिकट को लेकर बड़ा राजनीतिक खेल चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, जिस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरियाणा के प्रभारी थे, उस समय उनके करीबी दोस्त के परिवार को टिकट देने की चर्चाएं तेज हैं। इससे भाजपा के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं में असंतोष की स्थिति बन रही है।
मानेसर में राव इंद्रजीत सिंह के समर्थक की दावेदारी
मानेसर नगर निगम चुनाव में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह अपने समर्थक को मेयर पद की टिकट दिलाना चाहते हैं, लेकिन यहां भी मामला फंसता दिख रहा है। सूत्रों के अनुसार, राव द्वारा सुझाया गया नाम भाजपा का पुराना कार्यकर्ता नहीं है, जिससे पार्टी में असहमति बनी हुई है।
पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के पिता राव वीरेंद्र सिंह (जो हरियाणा-पंजाब के संयुक्त मुख्यमंत्री और केंद्र में मंत्री रह चुके थे) के पुराने सहयोगी भी मेयर पद के लिए टिकट मांग रहे हैं। अगर इनकी दावेदारी को नजरअंदाज किया जाता है, तो अहीरवाल क्षेत्र में नाराजगी बढ़ सकती है।
राम अभय सिंह की प्रतिक्रिया
मेयर पद के संभावित उम्मीदवार राम अभय सिंह ने कहा कि वे राव इंद्रजीत सिंह के समर्थक हैं, और जो फैसला वे लेंगे, उसे वे स्वीकार करेंगे। फिलहाल, टिकट के दावेदारों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि आखिर में राव किसे टिकट दिलवाते हैं। अहीरवाल क्षेत्र की जनता की इस पर खास नजर बनी हुई है।
अन्य पार्टियों की रणनीति
कांग्रेस ने मानेसर नगर निगम मेयर पद के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। नीरज यादव को कांग्रेस ने टिकट दी है। अब भाजपा के अलावा इनेलो और जेजेपी का रुख देखना बाकी है कि वे किसे उम्मीदवार बनाकर चुनावी मैदान में उतारते हैं।
दूसरी ओर, राजपूत समाज से विजय सिंह चौहान ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मेयर पद के लिए चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। मानेसर नगर निगम में राजपूत समाज का अच्छा खासा वोट बैंक है, जिससे निर्दलीय उम्मीदवार भी मजबूत दावेदारी पेश कर सकते हैं।
भाजपा के लिए बड़ी चुनौती
गुरुग्राम और मानेसर नगर निगम चुनाव भाजपा के लिए बड़ी परीक्षा साबित हो सकते हैं। आंतरिक गुटबाजी और टिकट बंटवारे में असहमति के कारण भाजपा को अपने फैसले को लेकर जल्द स्पष्टता लानी होगी, नहीं तो असंतोष का असर चुनाव परिणामों पर पड़ सकता है।
अब देखना होगा कि भाजपा कब तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा करती है और क्या पार्टी की यह देरी विपक्ष को फायदा पहुंचाएगी।