गुरुग्राम, 14 फरवरी। हरियाणा में नगर निगम और नगर पालिका चुनावों की घोषणा हो चुकी है, और जिला प्रशासन इन चुनावों के आयोजन में पूरी तरह व्यस्त हो गया है। इसी व्यस्तता का फायदा उठाकर गुरुग्राम नगर निगम के जोन-1 में अवैध निर्माण करने वाले माफिया सक्रिय हो गए हैं। अधिकारियों की मिलीभगत के चलते अवैध निर्माण तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय चुनाव की व्यस्तता का बहाना बना रहे हैं।
शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं
गुरुग्राम के खांडसा क्षेत्र में रहने वाले राजेंद्र सिंह ने अवैध निर्माण को लेकर कई बार नगर निगम कमिश्नर अशोक गर्ग से शिकायत की, लेकिन प्रशासन ने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि “चुनाव के बाद इस मामले को देखा जाएगा”, जिससे अवैध निर्माणकर्ताओं को खुली छूट मिल गई है।
स्थानीय निवासी वीरेंद्र सिंह और राजकुमार का कहना है कि खांडसा मंडी और आसपास के क्षेत्रों में अवैध निर्माण कराने वालों की प्रशासनिक अधिकारियों से सीधी सांठगांठ है। ये लोग बड़े पैमाने पर मोटी रिश्वत देकर अपना काम करवा रहे हैं, और किसी भी अधिकारी की हिम्मत नहीं हो रही कि इन पर कार्रवाई कर सके।
सुरक्षा की अनदेखी, बढ़ती अव्यवस्था
एक दुकानदार (जिसने नाम उजागर न करने की शर्त रखी) ने बताया कि “यहां पर 5 से 6 मंजिला तक अवैध मकान बनाए जा रहे हैं, जिनके चलते गलियों में निकलने का भी रास्ता नहीं बचा है। अगर कोई दुर्घटना हो जाए, तो लोगों को बचने का कोई अवसर नहीं मिलेगा।”
आश्चर्यजनक रूप से, नगर निगम के कई बड़े अधिकारी भी इन्हीं इलाकों में रहते हैं, लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही। प्रशासन केवल नाममात्र की कार्रवाई कर रहा है, जैसे किसी की दीवार गिरा देना या किसी गेट को हिला देना, लेकिन पूरे अवैध निर्माण को गिराने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा।
कमिश्नर ने साधी चुप्पी, अवैध निर्माणकर्ताओं को खुली छूट
नगर निगम कमिश्नर अशोक गर्ग से जब इस विषय पर संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने न तो कोई जवाब दिया और न ही फोन उठाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि वह कार्यालय में भी बहुत कम आते हैं। उनके पास दो मकान हैं—एक में उनका कैंप कार्यालय है, और दूसरे में उनका परिवार रहता है। उन्होंने मीडिया से दूरी बना रखी है, जिससे उनका पक्ष जान पाना भी संभव नहीं है।
सड़कों पर बेतरतीब निर्माण सामग्री, जनता परेशान
नगर निगम चुनावों के चलते प्रशासन का ध्यान अवैध निर्माण की ओर नहीं है, और इसका असर गुरुग्राम की सड़कों पर साफ दिखाई दे रहा है। सड़कों पर निर्माण सामग्री के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं, जिससे आम लोग और वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही है।
स्थानीय निवासियों और व्यापारियों का कहना है कि
कॉलोनियों में अवैध इमारतें खड़ी की जा रही हैं
सड़कों पर रेत, सीमेंट और ईंटों का ढेर लगा होने से ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है
नगर निगम अधिकारी जानबूझकर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं
प्रशासन और सरकार की लापरवाही से लोग बेबस हो गए हैं
सरकार और प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
नगर निगम चुनावों के दौरान सरकार की तरफ से भी अवैध निर्माणकर्ताओं पर कोई सख्त कदम नहीं उठाया जा रहा, जिससे इनकी गतिविधियां और बढ़ गई हैं। प्रशासन की चुप्पी और अधिकारियों की निष्क्रियता से स्थानीय लोग बेहद नाराज हैं।
अब देखना होगा कि चुनाव खत्म होने के बाद प्रशासन इन अवैध निर्माणों पर कोई ठोस कार्रवाई करता है या नहीं, या फिर यह माफिया इसी तरह बेखौफ अपने काम को जारी रखेंगे।