हरियाणा 15 फरवरी – भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हरियाणा के विभिन्न नगर निकायों में होने वाले चुनावों के लिए मेयर और चेयरमैन पद के उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। भाजपा ने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर अपने चुनावी अभियान को तेज कर दिया है। पार्टी ने उम्मीदवारों का चयन क्षेत्रीय समीकरणों और जातीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए किया है।
गुरुग्राम जिले के पटौदी से भाजपा ने प्रवीण ठकारिया को उम्मीदवार बनाया-
गुरुग्राम जिले के पटौदी से भाजपा ने प्रवीण ठकारिया को उम्मीदवार बनाया है, जबकि सिरसा से शांति स्वरूप बोध को प्रत्याशी बनाया गया है। कुरुक्षेत्र जिले के थानेसर से माफी डांडा को मैदान में उतारा गया है।
अंबाला छावनी में भाजपा ने श्रवण कौर को प्रत्याशी बनाया है। सोहना नगर परिषद के लिए प्रीति बागड़ी को टिकट दिया गया है, जबकि बराड़ा नगर परिषद से हरजिंद्र सिंह को प्रत्याशी घोषित किया गया है।
नीलोखेड़ी से भाजपा ने सनमीत कौर आहूजा को चुनावी मैदान में उतारा-
बवानी खेड़ा से सुंदर अत्रि को पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है। जाखल से सुरेंद्र मित्तल को टिकट दिया गया है। जुलाना से संजय कुमार जांगड़ा भाजपा के प्रत्याशी होंगे। पुंडरी से ममता सैनी को मैदान में उतारा गया है।
कलायत से भाजपा ने मैंनपाल सिंह को उम्मीदवार बनाया है। सिवन से शैली मुंजाल को प्रत्याशी घोषित किया गया है। इंद्री नगर से जशपाल को टिकट दिया गया है। नीलोखेड़ी से भाजपा ने सनमीत कौर आहूजा को चुनावी मैदान में उतारा है।
हथीन से रेनुलता को प्रत्याशी बनाया गया है। खरखौदा से हीरालाल इंदोरा को पार्टी ने उम्मीदवार घोषित किया है। रादौर से रजनीश मेहता को टिकट दिया गया है, जबकि असंध से सुनीता अरड़ाना को पार्टी का प्रत्याशी बनाया गया है। इस्माइलाबाद से भाजपा ने मेघा बंसल को उम्मीदवार घोषित किया है।
इस्माइलाबाद से भाजपा ने मेघा बंसल को उम्मीदवार घोषित किया है।
भाजपा ने इन उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर दिया है और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। पार्टी की कोशिश है कि वह हरियाणा के नगर निकाय चुनावों में अधिकतम सीटों पर जीत हासिल करे और अपनी स्थिति को और मजबूत करे।
विपक्षी दलों की भी इन उम्मीदवारों पर नजर बनी हुई है, और वे अपनी रणनीति को भाजपा के चुनावी समीकरणों को देखते हुए तय कर रहे हैं। अब देखना होगा कि जनता का झुकाव किस पार्टी की ओर अधिक रहता है और कौन इन चुनावों में बाजी मारता है।