पटना 16 फरवरी -बिहार की राजधानी पटना में मेट्रो स्टेशन निर्माण के लिए जमीन देने से राजभवन ने इनकार कर दिया है। इस संबंध में राज्यपाल के प्रधान सचिव राबर्ट एल चोंग्थू ने पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन महाप्रबंधक को पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा है कि पटना जू परिसर के निर्माण में पहले भी राजभवन की ओर से करीब 34 एकड़ जमीन दी जा चुकी है।
स्टेशन निर्माण के लिए जमीन हस्तांतरण के लिए एनओसी मांगा था-
अब राजभवन परिसर की भूमि का हस्तांतरण मेट्रो स्टेशन निर्माण के लिए नहीं किया जाएगा। इसलिए पटना मेट्रो के लिए अस्थायी और स्थायी निर्माण को पटना जू के परिसर में ही कराया जाए। दरअसल, पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने राजभवन से स्टेशन निर्माण के लिए जमीन हस्तांतरण के लिए एनओसी मांगा था।
स्टेशन के लिए जमीन की मांग की गई थी
इसके बाद राजभवन के प्रधान सचिव ने पत्र लिखा है। इससे पहले अप्रैल 2022 में भी राजभवन की ओर से जमीन देने से इनकार किया जा चुका है। पटना मेट्रो के पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर में 14 स्टेशन का निर्माण किया जाना है। इसी कॉरिडोर में पटना चिड़ियाघर स्टेशन का निर्माण प्रस्तावित है। इसी स्टेशन के लिए जमीन की मांग की गई थी। पटना जंक्शन और चिड़ियाघर सहित छह स्टेशनों का निर्माण 3060 करोड़ से होना है।
विकास भवन, विद्युत भवन और पटना जंक्शन स्टेशन का निर्माण होगा-
मीठापुर रैंप से विकास भवन और विकास भवन से रूकनपुरा रैंप तक 9.35 किमी में टनल बनना है, लेकिन अब तक निर्माण के लिए एजेंसी का चयन नहीं किया जा सका है। पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की ओर से 27 दिसंबर 2023 को दो भागों में निविदा जारी की गई थी। इसके पहले भाग में रुकनपुरा, राजा बाजार और चिड़ियाघर स्टेशन बनेगा। पाटलिपुत्र एलिवेटेड स्टेशन के बाद रुकनपुरा रैंप से विकास भवन तक टनल का निर्माण होगा। इसके निर्माण पर 1377 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दूसरे भाग में विकास भवन, विद्युत भवन और पटना जंक्शन स्टेशन का निर्माण होगा।