
अब तीन इंजन वाली सरकार बनने जा रही है
गुरुग्राम और मानेसर में नेताओं के बीच राजनीतिक चर्चाएं जारी
गुरुग्राम, 17 फरवरी
गुरुग्राम और मानेसर नगर निगम के मेयर पद के उम्मीदवारों ने 17 फरवरी को अपना नॉमिनेशन भरा, लेकिन इस बार इन चुनावों में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह का प्रभाव और समर्थन चर्चा का विषय बन गया है। गुरुग्राम के मेयर पद के उम्मीदवार राजरानी का नॉमिनेशन केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के नेतृत्व में भरा गया, जबकि मानेसर के मेयर पद के उम्मीदवार सुंदरलाल यादव का नॉमिनेशन हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राव नरवीर सिंह और जिला अध्यक्ष कमल यादव के नेतृत्व में भरा गया। दोनों नेताओं ने अपने-अपने क्षेत्र के पार्षदों के नॉमिनेशन भी भरे।
राव इंद्रजीत सिंह का बयान
राव इंद्रजीत सिंह अपने समर्थकों के बीच बुरा नहीं बनाना चाहते थे।
नॉमिनेशन के बाद केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जैसे लोकसभा और हरियाणा विधानसभा चुनावों में भाजपा को समर्थन दिया था, वैसे ही इस बार भी भाजपा के मेयर और पार्षद उम्मीदवारों को विजय दिलाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि दक्षिणी हरियाणा ने हमेशा भाजपा का साथ दिया है और इस बार भी ग्रामीण सरकार का समर्थन करेंगे। राव इंद्रजीत सिंह ने भाजपा की ताकत पर विश्वास जताते हुए पार्टी को जीत दिलाने की अपील की।
राव नरवीर सिंह का बयान
इस अवसर पर हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरवीर सिंह ने भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की प्रशंसा की और सभी उम्मीदवारों से जीत की अपील की। उन्होंने कहा कि अब तीन इंजन वाली सरकार बनने जा रही है—केंद्र में, राज्य में और ग्रामीण सरकार भाजपा की होगी। इस तीन इंजन की सरकार से विकास के सभी कार्य तेजी से होंगे और पैसे की कोई कमी नहीं होगी।
राव इंद्रजीत सिंह की राजनीतिक स्थिति
गुरुग्राम में मेयर पद के उम्मीदवारों की टिकट राव इंद्रजीत सिंह के समर्थन के बावजूद उनके समर्थकों को नहीं मिली। राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार, राव इंद्रजीत सिंह ने अपनी तरफ से किसी एक उम्मीदवार को टिकट दिलवाने का प्रयास नहीं किया क्योंकि वे अपने समर्थकों के बीच बुरा नहीं बनाना चाहते थे। इस कारण टिकट मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के खाते में डाल दी गई।
कहा जा रहा है कि राव इंद्रजीत सिंह ने मानेसर के मेयर पद की टिकट नहीं दिलवाई, जबकि वे केंद्र में मंत्री हैं और प्रधानमंत्री से सीधा संवाद करते हैं। यह स्थिति उनके समर्थकों के लिए मायूसी का कारण बनी है।
राजनीतिक प्रभाव और आगामी चुनाव
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राव इंद्रजीत सिंह का इशारा किस दिशा में जाता है और मानेसर नगर निगम मेयर पद के उम्मीदवार के लिए समर्थन किसे मिलता है। मानेसर की मेयर पद की टिकट पर राव का कोई स्पष्ट इशारा न होना उनके समर्थकों में खिन्नता का कारण बना है।
चर्चा का विषय
गुरुग्राम और मानेसर नगर निगम चुनावों के लिए यह चर्चा का विषय बना है कि किसका समर्थन जीत रहा है और किसका हार रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने सभी मंत्रियों, विधायकों और सांसदों को अपने-अपने जिले में चुनावी जीत सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी है, लेकिन राव इंद्रजीत सिंह के समर्थकों की मायूसी यह संकेत देती है कि आगामी चुनावों में उनके प्रभाव और समर्थन की दिशा पर सबकी नजरें होंगी।
नतीजा क्या होगा?
कहा जाता है कि अगर राव इंद्रजीत सिंह किसी को जीत नहीं दिलवा सकते तो वे उसे हरा भी सकते हैं। यह चुनावी मैदान में उतरने वालों के लिए एक अहम बात हो सकती है, जो चुनाव परिणाम पर असर डाल सकती है। अब यह देखना होगा कि आगामी चुनाव में किसका इशारा किसकी जीत और हार तय करेगा।