हरियाणा 18फरवरी – हरियाणा में अवैध निर्माणों को लेकर प्रशासन ने सख्त रवैया अपना लिया हैं जिसको लेकर आय दिन अवैध निर्माण को ध्वस्त खबर सामने आ रही हैं ऐसे में हरियाणा के ट्रिब्यूनल ने पाया कि यह ढाबा राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे पर स्थित ओल्ड राव ढाबा को ध्वस्त किया जाएगा और अवैध निर्माण से हरियाणा को मुक्त किया जाएगा
नियंत्रित क्षेत्र के नियमों का उल्लंघन–
वहीं निर्णय लाल सिंह यादव बनाम हरियाणा राज्य (अपील संख्या 17/2021) के मामले में आया है। जिसमे ट्रिब्यूनल ने पाया कि यह ढाबा राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे प्रतिबंधित नियंत्रित क्षेत्र के रूप में नामित भूमि पर अवैध रूप से बनाया गया था। इसने “ज़ोनिंग-लॉ” अनुपालन नहीं किया था। वही इस मामले में राजन गुप्ता ने निर्णय सुनाते हुए कहा ,हरियाणा राज्य साइट को उसकी मूल स्थिति में बहाल करने के लिए स्वतंत्र है।
प्रक्रिया पर स्थिति रिपोर्ट–
ट्रिब्यूनल ने इस बात पर भी जोर दिया कि अनधिकृत निर्माणों को, खास तौर पर राजमार्गों के आसपास बने रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती। ट्रिब्यूनल ने 18 अगस्त, 2021 के अपने पहले के आदेश को बरकरार रखते हुए फिर से पुष्टि की कि ऐसी संरचनाएं नियंत्रित क्षेत्र के नियमों का उल्लंघन करती हैं और उन्हें हटाया जाना चाहिए। कार्यवाही के दौरान ट्रिब्यूनल ने पूछा कि क्या गुरुग्राम के डीटीपी (प्रवर्तन) इस ढाबे को हटाने की प्रक्रिया पर स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
हरियाणा रेरा ट्रिब्यूनल का यह निर्णय भूमि-उपयोग कानूनों को लागू करने और राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे अनधिकृत वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को रोकने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। हरियाणा रेरा ट्रिब्यूनल यह निर्णय नियंत्रित क्षेत्रों में अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ एक मजबूत मिसाल कायम करता है। यह उन लोगों के लिए एक चेतावनी के रूप में भी कार्य करता है जो बिना मंजूरी के संरचनाएं बना रहे हैं।
प्रमुखता से न्यू इंडिया न्यूज़ नेटवर्क ने दिखाया-
ऐसे में यह भी अब साफ़ होने लगा हैं की हरियाणा में अवैध निर्माणों के लिए अब कोई जगह नहीं हैं अगर कहीं भी अवैध निर्माण की बात सामने आती हैं तो उसकी खैर नहीं हैं उसको किसी तरह से कोई नहीं बचा सकता क्यूंकि बीते समय में भी हरियाणा के लगभग सभी शहरों में अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की खबर सामने आयी थी जिसको प्रमुखता से
न्यू इंडिया न्यूज़ नेटवर्क ने दिखाया था और और अब भी ऐसे ख़बरों पर न्यू इंडिया न्यूज़ नेटवर्क की नज़र बनी हुई हैं।