
38वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला-2025
अशोक मस्ती के गीत की मनभावनी पेशकेश से महा स्टेज की ओर खिंचे चले पर्यटक
नई दिल्ली, 18 फरवरी।
पंजाबी और हरियाणवी गीतों की धुन जैसे ही सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला-2025 के महा स्टेज पर गूंज उठी, मेला घूमने आए पर्यटक अपनी चहलकदमी रोककर उस सुरीली आवाज की ओर खिंचे चले आए। सोमवार की शाम गायक अशोक मस्ती की गायकी ने सूरजकुंड मेले की सांस्कृतिक संध्या को खास बना दिया।
अशोक मस्ती ने जब मंच पर अपनी मस्त आवाज में गीत गाना शुरू किया, तो दर्शकों का एक बड़ा समूह महा स्टेज की ओर उमड़ पड़ा। उनके गीतों ने माहौल को रंगीन और मस्ती से भरा हुआ बना दिया। मंच के सामने मौजूद दर्शक हर एक गाने पर झूमते और नाचते नजर आए। गायक अशोक मस्ती ने अपनी गायकी के अनोखे अंदाज से मेले की सांस्कृतिक संध्या में चार चांद लगा दिए।
अशोक मस्ती ने अपनी प्रस्तुति में कई प्रसिद्ध गीतों को गाया, जैसे कि:
- “हरे राम हरे राम हरे कृष्णा हरे राम…” (भूल भुलैया)
- “ठेकेयां ते निट खडक़े खडक़े ग्लासी तेरे नाम ते…” (पंजाबी गीत)
- “तेरी आंख्या का यो काजल…” (तेरी आंख्या का यो काजल)
- “तेरे मुखड़े पे गुलाबी आंखें…”
- “चुरा लिया है तुमने जो दिल को…”
इन गीतों ने दर्शकों को पूरी तरह से मस्ती में डाल दिया और वे नाचने लगे।
अशोक मस्ती की गायकी को सुनकर ना केवल भारतीय पर्यटक, बल्कि विदेशी पर्यटक भी मस्तीनुमा माहौल में झूमते हुए नजर आए। उनके आकर्षक अंदाज ने इस सांस्कृतिक संध्या को एक यादगार शाम बना दिया।
सूरजकुंड मेले की सांस्कृतिक संध्या में गायक अशोक मस्ती ने दर्शकों के बीच जाकर भी गाने शुरू किए, जिससे दर्शकों ने उन्हें उत्साह के साथ प्रोत्साहित किया। हाथों में किलकारियां और झूमते हुए उन्होंने गायक का समर्थन किया।
गायक अशोक मस्ती ने अपने इस अनुभव को यादगार बनाने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें खुशी देता है कि उन्होंने इस सांस्कृतिक आयोजन का हिस्सा बने और अपनी गायकी से मेले की सुंदरता और रंगीनता में चार चांद लगाए।
इस अवसर पर हरियाणा पर्यटन निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. सुनील कुमार, महाप्रबंधक आशुतोष राजन सहित अन्य अधिकारी और दर्शक भी उपस्थित थे। इस आयोजन में कला और संस्कृति विभाग, हरियाणा और पर्यटन निगम, हरियाणा के संयुक्त तत्वावधान में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, ताकि सूरजकुंड मेला-2025 की हर शाम को शानदार बनाया जा सके।