गुरुग्राम: 18फरवरी – एक व्यक्ति ने थाना साईबर अपराध पूर्व, गुरुग्राम में एक शिकायत के माध्यम से बतलाया कि इसने दिसंबर-2024 में उद्योग विहार में एक पोस्टर लगा हुआ देखा था,
जिसमें बिना डॉक्यूमेंट प्रोसेस के लोन दिलाने बारे लिखा गया था। उस पोस्टर में दिए व्हाट्सएप नंबरों पर संपर्क करने पर इसको सैक्टर-11, गुरुग्राम में एक जगह पर बुलाया गया और एक इलेक्ट्रॉनिक शोरूम पर ले जाकर इसको कहा इसका 30 हजार रुपए का लोन पास हो गया है और इसको 28 हजार रुपए मिलेंगे। उन लोगों ने इसको 20 हजार रुपए दिए बाकी रुपए मांगने पर उन लोगों ने इसको धमकाया। फरवरी-2025 में इसको ज्ञात हुआ कि उन लोगों ने धोखाधड़ी से इसके नाम से करीब 01 लाख 30 हजार रुपए के अलग-अलग 02 लोन करवा लिए थे। इस शिकायत पर थाना साईबर अपराध पूर्व, गुरुग्राम में धारा 318(4), 61(2) BNS के तहत अभियोग अंकित किया गया।
प्रियांशु दीवान HPS, सहायक पुलिस आयुक्त साईबर अपराध, गुरुग्राम के निर्देशानुसार कार्य करते हुए प्रबंधक थाना साईबर पूर्व, गुरूग्राम की पुलिस टीम से ASI कमलजीत ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर कार्यवाही करते हुए बिना Document Process के नाम पर लोन देने के नाम पर लोगों के साथ ठगी करने वाले 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान रोहित निवासी कृष्ण नगर, सैक्टर 10, गुरुग्राम व मुकीम निवासी शाहपुर जिला मुजफ्फरनगर (उत्तर-प्रदेश) वर्तमान निवासी गुड़गांव गाँव, गुरुग्राम के रूप में हुई। आरोपी रोहित को दिनांक 15.02.2025 को तथा आरोपी मुकीम को दिनांक 16.02.2025 को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ कि आरोपी बिना डॉक्यूमेंट प्रक्रिया किए हुए लोन दिलाने के नाम पर जिन लोगों का सिविल अच्छा होता था उनके नाम से अलग-अलग लोन/फाइनेंस करवा लेते थे तथा जिसके नाम से फाइनेंस करवाते थे उसको थोड़े से रुपए देकर धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम देते थे।
आरोपियों के कब्जा से ठगी की वारदातों को अंजाम देने में प्रयोग किए गए 02 मोबाईल फोन व 2700 रूपये की नगदी बरामद की गई है। अभियोग अनुसन्धानाधीन है।
यहां पर यह भी उल्लेखनीय है कि बढ़ते साईबर अपराधों को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस त्वरित कार्यवाही करते हुए साइबर अपराधियों पर कार्यवाही करती है। गुरुग्राम पुलिस बढ़ते साईबर अपराध को रोकने मे तथा आपराधियों को पकड़ने मे पूर्ण निष्ठा से कार्यरत है।