देहरादून 19 फरवरी -उत्तराखंड की धामी कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए प्रदेश में सशक्त भू-कानून को मंजूरी दे दी है।
इस नए कानून के तहत, नगर निकाय क्षेत्र के बाहर कोई भी व्यक्ति 250 वर्गमीटर तक जमीन बिना अनुमति के खरीद सकता है। लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें भी लगाई गई हैं जैसे कि जमीन का उपयोग केवल निजी आवास के लिए किया जा सकता है और इसके लिए स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेनी होगी।
स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेनी होगी-
इस कानून में राज्य में बाहरी लोगों के जमीन खरीदने पर कुछ सख्त प्रावधान किए गए हैं। इसके अलावा, 2017 में भूमि क्रय संबंधी नियमों में बदलाव किया गया था, जिसके तहत बाहरी लोगों के लिए जमीन खरीदने की अधिकतम सीमा 12.5 एकड़ को खत्म कर उसकी परमिशन जिलाधिकारी स्तर से देने का प्रावधान किया गया था।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा-
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि यह कानून राज्य के संसाधनों, सांस्कृतिक धरोहर और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करेगा, साथ ही प्रदेश की मूल पहचान को बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
राज्य की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है–
उत्तराखंड के निवासियों को उम्मीद है कि यह कानून उनके हितों की रक्षा करेगा और राज्य के विकास में मदद करेगा। लेकिन कुछ लोगों को यह चिंता भी है कि यह कानून बाहरी निवेशकों को राज्य में निवेश करने से रोक सकता है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता-
कुल मिलाकर, यह कानून उत्तराखंड के निवासियों के हितों की रक्षा करने और राज्य की मूल पहचान को बनाए रखने में मदद करेगा। लेकिन इसके प्रभावों का मूल्यांकन करने और इसके कार्यान्वयन की निगरानी करने के लिए आगे भी निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता होगी।