दिल्ली 20 फरवरी – संतुलित और तनावमुक्त बनाने का अवसर-
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) अपनी परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। 2026 से कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाएगी,
जिससे छात्रों को अतिरिक्त मौका मिलेगा। यदि कोई छात्र किसी कारणवश पहली परीक्षा नहीं दे पाता या अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं होता, तो वह दूसरी परीक्षा में शामिल होकर बेहतर परिणाम हासिल कर सकता है। इस बदलाव का उद्देश्य परीक्षा के दबाव को कम करना और छात्रों को अधिक लचीलेपन की सुविधा देना है। जल्द ही इसका ड्राफ्ट जारी किया जाएगा, और जनता से इस पर सुझाव मांगे जाएंगे। इस नई प्रणाली से छात्रों को अपनी शिक्षा यात्रा को अधिक संतुलित और तनावमुक्त बनाने का अवसर मिलेगा
CBSE 10वीं बोर्ड परीक्षा में बड़ा बदलाव, 2026 से साल में दो बार होगी परीक्षा-
यह बदलाव छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा, जिससे वे अपनी परीक्षा की तैयारी को बेहतर तरीके से प्रबंधित कर सकेंगे। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और CBSE का मानना है कि इस नई प्रणाली से छात्र परीक्षा के दबाव से मुक्त होकर अधिक आत्मविश्वास के साथ अपने अकादमिक प्रदर्शन को सुधार सकेंगे।
नई प्रणाली के लाभ:
अतिरिक्त अवसर: छात्र अपनी सुविधा के अनुसार परीक्षा देने का विकल्प चुन सकते हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा।
तनाव में कमी: परीक्षा का भार कम होगा, जिससे छात्र मानसिक रूप से अधिक मजबूत और तैयार रहेंगे।
बेहतर प्रदर्शन: अगर पहली परीक्षा में अंक उम्मीद के अनुरूप नहीं आते, तो दूसरी परीक्षा में सुधार का मौका मिलेगा।
लचीला ढांचा: इस प्रणाली से छात्रों को अपनी पढ़ाई और परीक्षा की योजना बनाने की स्वतंत्रता मिलेगी।
कैसे होगा बदलाव?
CBSE जल्द ही इस नई परीक्षा प्रणाली का विस्तृत ड्राफ्ट जारी करेगा।
छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से सुझाव मांगे जाएंगे।
परीक्षा के स्वरूप, सिलेबस और मूल्यांकन प्रक्रिया में भी कुछ बदलाव संभव हैं।
यह प्रणाली पहले से चल रहे सेमेस्टर आधारित परीक्षा मॉडल से अलग होगी और बोर्ड परीक्षाओं को अधिक समावेशी व छात्र-हितैषी बनाने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकती है।