बक्सर 21 फरवरी – दिल्ली की नई सरकार में डॉ. पंकज सिंह (Pankaj Singh Delhi Minister) को मंत्री का पद मिला है। वह पेशे से डेंटिस्ट रहे हैं। विकासपुरी निर्वाचन क्षेत्र से पहली बार विधायक चुने जाने के साथ ही वह दिल्ली सरकार का हिस्सा बनेंगे। इससे पहले वह दो बार दिल्ली नगर निगम में पार्षद रह चुके हैं।
वह मूल रूप से बक्सर जिले के ब्रह्मपुर प्रखंड क्षेत्र के धरौली गांव के निवासी हैं। उनके पिता राज मोहन सिंह दिल्ली नगर निगम में अपर आयुक्त थे। इनके बड़े भाई मनोज सिंह सर्वोच्च न्यायालय में वकालत करते हैं।
इनके परिवार के अन्य कई सदस्य दिल्ली में ही रहते हैं। उनकी इस उपलब्धि पर पैतृक गांव में खुशी का माहौल है।
गांव के लोगों को जैसी ही इस बात की सूचना मिली कि उन्हें दिल्ली की सरकार में मंत्री पद मिला है, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
गम के बीच मिली दोहरी खुशी
दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत के बाद पंकज के घर खुशियों का माहौल था। इस बीच गत 18 फरवरी को उनकी मां सीता सिंह का दिल्ली स्थित आवास पर 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था।
19 फरवरी को निगमबोध घाट पर उनका अंतिम संस्कार हुआ। उसी दिन देर शाम को पंकज को दिल्ली सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल करने पर फैसला हुआ और गुरुवार को उन्होंने पद और गोपनीयता की शपथ ली। पंकज सिंह को स्वास्थ्य, परिवहन एवं सूचना तकनीकी मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली है।
पंकज के कैबिनेट मंत्री बनने पर भाजपा में खुशी
दिल्ली विधानसभा में बक्सर का बेटे डॉ. पंकज सिंह के कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेने पर गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश भुवन ने कार्यकर्ताओं के साथ अहिरौली कार्यालय में एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि बक्सर की धरती ने अनेक लाल पैदा किए हैं, जो राष्ट्रीय स्तर पर बक्सर का नाम रौशन कर रहे हैं। उसी कड़ी में से एक लाल डॉ. पंकज सिंह को भारतीय जनता पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व ने दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया है।
इसके लिए उन्होंने भाजपा केंद्रीय नेतृत्व का बक्सर की जनता की तरफ से आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह बक्सर के लोगों के लिए बहुत ही आत्मसम्मान और गौरव की बात है।
मौके पर तेज प्रताप सिंह, अमरनाथ जयसवाल, सुनील सिंह, ज्वाला सैनी, आशानन्द सिंह, रमेश गुप्ता, लक्ष्मण शर्मा, पुनीत सिंह, अविनाश पांडेय, अविनाश कुमार सिंह उर्फ मिंटू सिंह, सुनील कुमार, संजय शाह, रूपेश दुबे, दुर्गेश विद्रोही, उमाशंकर राय समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।