गुरुग्राम, 23 फरवरी-सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता
रमित जी के दिव्य आशीर्वाद से ‘अमृत प्रोजेक्ट’ के अंतर्गत ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ परियोजना के तीसरे चरण का शुभारम्भ किया गया। बाबा हरदेव सिंह जी महाराज की शिक्षाओं से प्रेरित यह परियोजना समस्त भारतवर्ष के 28 राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों के 1650 से अधिक स्थानों पर 12 लाख से भी अधिक स्वंयसेवकों के सहयोग से एक साथ विशाल रूप में आयोजित की गई।
सतगुरु माता जी ने ‘प्रोजेक्ट अमृत’ के तीसरे चरण का आरम्भ अवसर पर हुए सत्संग कार्यक्रम में अपने आर्शीवचनों में फरमाया कि हमारे जीवन में जल का बहुत महत्व है और यह अमृत समान है। जल हमारे जीवन का मूल आधार है। परमात्मा ने हमें यह जो स्वच्छ एवं सुंदर सृष्टि दी है, इसकी देखभाल करना हमारा कर्त्तव्य है। मानव रूप में हमने ही इस अमूल्य धरोहर, प्रकृति को उसके मूल स्वरूप में रखते हुए इसकी स्वच्छता करनी है। हमें केवल शब्दों से नहीं बल्कि अपने कर्मो एवं नेक भावों से सभी को प्रेरित करना है। कण-कण में व्याप्त परमात्मा से जब हमारा नाता जुड़ता है, जब हम इसका आधार लेते है तब हम इसकी रचना के हर स्वरूप से प्रेम करने लगते है। मानवीय गुणों को अपनाकर प्रत्येक के लिए भले के ही कार्य करने हैं। हमारा प्रयास होना चाहिए कि जब हम इस संसार से जायें तो इस धरा को ओर अधिक सुंदर रूप में छोड़कर जायें।
इस अवसर पर सतगुरु माता जी ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा हरदेव सिंह जी ने अपने जीवन से हमें यही प्रेरणा दी कि सेवा किसी प्रशंसा की चाह में नहीं बल्कि निष्काम रूप में होनी चाहिए। सेवा करते हुए उसके प्रदर्शन का शोर करने की बजाय कर्म पर जोर हो और उसकी मूल नेक भावना पर केन्द्रित रहना चाहिए। हमारा प्रयास स्वयं को बदलने का होना चाहिए क्योंकि हमारे आंतरिक बदलाव से ही समाज एवं दुनियां में परिवर्तन आ सकता है। एक स्वच्छ और निर्मल मन से ही सात्विक परिवर्तन का आरम्भ होता है।
गुरुग्राम जिले में रविवार को ‘अमृत परियोजना’ के अंतर्गत गुरुग्राम में 6 जलाशयों पर सफाई अभियान चलाया गया। इसके अंतर्गत गांव झाड़सा का तालाब सेक्टर 47, गांव रामपुरा का तालाब सेक्टर 82 ए, गांव गाडौली खुर्द का तालाब सेक्टर 37 बी, बोहडा कलां के पास गांव चैनपुरा का आईटीआई तालाब, गांव साढ़राणा, गढ़ी हरसरू का तालाब एवं गांव दमदमा की झील में सफाई की गई। यहां स्वयंसेवको ने पूरे उत्साह के साथ सभी प्रकार की सेवाओं को तत्परता से किया। हजारों सेवादारों और भक्तों यहां बढ़-चढ़ कर भाग लिया। यहां सफाई के साथ-साथ कूड़ा भी नगर निगम की ट्रैक्टर-ट्रालियों द्वारा उठवाया गया।
जरूरत अनुसार हर प्रकार की आवश्यक सेवाएं निरंकारी सेवादल
द्वारा की गई।
सफाई अभियान के दौरान प्रोजेक्ट अमृत ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ के संदेश भी प्रसारित होते रहे ताकि हर कोई इस अमृत रूपी जल का संरक्षण करे। बड़ी संख्या में निरंकारी श्रद्धालु-भक्त हाजिर होकर मर्यादा और अनुशासन से, प्यार और नम्रता से, निष्ठा एवं निष्काम भाव से सेवाएं करके सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज और प्रभु परमात्मा-निरंकार के आशीवादों के पात्र बने।
संत निरंकारी मिशन की सामाजिक शाखा संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के तत्वाधान में बाबा हरदेव सिंह जी की अनंत सिखलाईयों से प्रेरणा लेते हुए ‘प्रोजेक्ट अमृत’ का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के समापन पर सम्मिलित हुए अतिथि गणों ने मिशन की भूरी-भूरी प्रशंसा की और साथ ही सतगुरु माता जी का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मिशन द्वारा जल संरक्षण एवं जल स्वच्छता की इस कल्याणकारी परियोजना के माध्यम से निश्चित ही यह प्रकृति संरक्षण हेतु एक महत्वपूर्ण कदम है। सफाई अभियान आयोजकों ने नगर निगम गुरुग्राम के निगम आयुक्त अशोक कुमार गर्ग का आभार व्यक्त किया।