इस वादे से लालू यादव ने बिहारवासियों को एक नई उम्मीद दी है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि उनका सबसे बड़ा उद्देश्य है कि बिहार के लोग अपने राज्य में ही खुशहाल जीवन जी सकें और राज्य से पलायन का सिलसिला रुक सके। उनके इस बयान को लेकर बिहार की राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं और विपक्षी दलों ने भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।