
भोंडसी जेल लोक अदालत: सीजेएम ने 17 मामलों की सुनवाई की
गुरुग्राम, 24 फरवरी – जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) रमेश चंद्र ने सोमवार को भोंडसी जिला कारागार का निरीक्षण किया और जेल में बंद कैदियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान जेल परिसर में लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 17 मामलों की सुनवाई हुई। इनमें से तीन मामलों का त्वरित निपटारा करते हुए सीजेएम ने तीन कैदियों की रिहाई के आदेश दिए।
जेल निरीक्षण और बंदियों की समस्याओं पर चर्चा
सीजेएम रमेश चंद्र ने जेल में मौजूद पुरुष और महिला कैदियों से बातचीत की और उनकी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कैदियों से उनके मामलों और जेल प्रशासन से जुड़ी किसी भी समस्या के बारे में जानकारी ली। जेल निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को बंदियों की शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश भी दिए गए।
लोक अदालत में 17 मामलों की सुनवाई, तीन कैदियों को राहत
निरीक्षण के बाद जेल परिसर में लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें उन बंदियों के मामलों की समीक्षा की गई, जो छोटे अपराधों में सजा पूरी कर चुके थे और उनके अच्छे आचरण को देखते हुए उनकी रिहाई संभव थी।
लोक अदालत में कुल 17 मामलों पर सुनवाई हुई, जिनमें से तीन मामलों का तुरंत निपटारा किया गया। ये तीनों कैदी पहली बार छोटे-मोटे अपराधों में संलिप्त पाए गए थे और अपनी सजा की अवधि पूरी कर चुके थे। सीजेएम ने उन्हें भविष्य में सभ्य आचरण बनाए रखने की चेतावनी देते हुए उनकी रिहाई के आदेश दिए।
लोक अदालत का उद्देश्य और प्रभाव
लोक अदालतों का मुख्य उद्देश्य न्यायिक प्रक्रियाओं को तेज करना और ऐसे मामलों को सुलझाना है, जहां सुधार की संभावना हो। गुरुग्राम जिला न्यायालय प्रशासन की यह पहल सुधारात्मक न्याय प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
लोक अदालत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी, जेल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और न्यायिक कर्मचारी उपस्थित रहे। लोक अदालत की इस पहल से जेल में बंद उन कैदियों को राहत मिली, जो सजा पूरी करने के बावजूद कानूनी प्रक्रिया के चलते अब तक रिहा नहीं हो पाए थे।
समाज में पुनर्वास पर जोर
सीजेएम रमेश चंद्र ने कहा कि ऐसे कैदियों को पुनः अपराध की दुनिया में जाने से रोकने के लिए समाज को भी आगे आना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि रिहा हुए कैदियों को सामाजिक सहयोग और रोजगार के अवसर दिए जाने चाहिए, जिससे वे एक नए और सकारात्मक जीवन की शुरुआत कर सकें।
👉 लोक अदालतों के माध्यम से न्यायपालिका तेजी से निर्णय ले रही है और जेलों में भीड़भाड़ कम करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।