
गांव गोलियाका में ज़िला स्तरीय किसान सम्मान समारोह आयोजित
रेवाड़ी, 24 फ़रवरी। कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने किसानों का आह्वान किया है कि वे गेहूं/सरसों जैसी पारंपरिक खेती के स्थान पर नवाचारों को अपनाए। इसी प्रकार से खेती में रसायनों व कीटनाशको के स्थान पर जैविक पद्धति आधारित प्राकृतिक खेती करें। वे सोमवार को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 19वीं किस्त जारी किए जाने के अवसर पर गांव गोलियाका में आयोजित ज़िला स्तरीय किसान सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर बिहार के भागलपुर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। इस दौरान उन्होंने बटन दबाकर किसान सम्मान निधि की किस्त डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर के जरिए देशभर के किसानों के खाते में भेजी। 19 वीं किस्त के रूप में जिलें के लगभग 69 हजार 375 किसानों के बैंक खातों में किसान सम्मान निधि की राशि डाली गई। अब तक यहां के किसानों को 211 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है।
किसानों को फसल पैदा करने के साथ-साथ एमएसएमई व स्टार्टअप के माध्यम से प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग पर भी ध्यान दें।
अपने संबोधन में केबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि किसानों को फसल पैदा करने के साथ-साथ एमएसएमई व स्टार्टअप के माध्यम से प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग पर भी ध्यान दें। कैबिनेट मंत्री ने किसानों को फसल पैदा करने में नवीनतम तकनीको को अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों के हितों के प्रति वचनबद्ध है। गरीब किसानों को लाभ पहुंचाने के इरादे से शुरु की गई किसान सम्मान निधि योजना को आज 6 साल पूरे हो गए हैं। ‘पीएम-किसान योजना’ के तहत किसानों के बैंक खातों में अभी तक लगभग 3.5 लाख करोड़ रुपये डाले जा चुके हैं और सरकार के इस प्रयास से किसानों को सम्मान, समृद्धि और नयी ताकत मिली है। पिछले 10 वर्षों में सरकार के प्रयासों के कारण कृषि क्षेत्र में तीव्र गति से विकास हुआ है। लाखों छोटे किसानों को वित्तीय मदद मिलने से उनकी बाजार तक पहुंच बढ़ी है। हरियाणा सरकार ने हाल ही में किसानों के बैंक खातों में 368 करोड़ रुपये की बोनस राशि जारी की थी।
कृषि एवं बागवानी फसलों पर 2000 रुपये प्रति एकड़ बोनस देने का फैसला
खरीफ-2024 के दौरान प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण राज्य में उत्पादित की जा रही कृषि एवं बागवानी फसलों पर 2000 रुपये प्रति एकड़ बोनस देने का फैसला किया। अब तक कुल 1345 करोड़ रुपये की राशि किसानों को दी जा चुकी है। हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है, जहां सभी फसलों के दाने-दाने की खरीद एम.एस.पी. पर की जाती है। किसानों के खेतों से गुजरने वाली हाई टेंशन बिजली की लाइनों के लिए मुआवजा नीति बनाई गई है। इसके तहत किसान को टावर एरिया की जमीन के लिए मार्केट रेट का 200 प्रतिशत मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। लाइन के नीचे की भूमि के लिए भी किसानों को मार्केट रेट का 30 प्रतिशत मुआवजे का प्रावधान किया गया है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हरियाणा में इंडस्ट्री डिपार्टमेंट द्वारा किसानों की जमीन अधिग्रहण के मामले में जल्द ही एक नई नीति प्रस्तुत की जाएगी, जिसके तहत किसानों को हिस्सेदार बनाते हुए उन्हें एक एकड़ में 1200 गज जगह दिए जाने का प्रावधान रखा जाएगा। पॉलिसी को अगले महीने प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा में 10 से 12 क्लस्टर बनाए जाने हैं यदि रेवाड़ी में 1000 एकड़ भूमि उपलब्ध करवाई जाए तो यहां पर भी एक टाउनशिप स्थापित की जा सकती है, जिससे कि यहां विकास के नए रास्ते खुलेंगे। इस अवसर पर उपायुक्त अभिषेक मीणा, भाजपा जिला अध्यक्ष वंदना पोपली, एसडीओ दीपक कुमार, डीआईओ सचिन शर्मा सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान, अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।