
महापंचायत ने हुका पानी बंद करने का किया ऐलान।
दुल्हन ने शादी से किया इनकार।
गुरुग्राम मानेसर 26 फरवरी।
गुरुग्राम जिले के भंगरोला में 15 किलोमीटर दूर गांव जुडोला से आई बारात बिना दुल्हन के वापस लौट गए और पंचायत में दूल्हा परिवार का गांव में हुक्का पानी बंद करने का फरमान सुना दिया।
गुरुग्राम जिले के गांव जुडोला से भंगरोला में मोहित पुत्र कृष्णा दिल्ली पुलिस में चालक के पद पर तैनात है अपने बेटे की बारात लेकर आया था मगर दहेज का लालच इतना आ गया की बेटे की बारात बिना दुल्हन के वापस लौट गए जिसका कारण दहेज बताया जा रहा है।
दहेज के लालची कृष्ण कुमार ने रात्रि 3:00 बजे तक बारात को और अपने बेटे को पंडाल तक नहीं पहुंचने दिया
गांव भंगरोला के निवासियों के अनुसार दिल्ली पुलिस की सिपाही कृष्ण कुमार ने बारात दरवाजा पर लाने से पहले दहेज की मांग कर डाली जिससे पूरा मामला बिगड़ गया दहेज के लालची कृष्ण कुमार ने रात्रि 3:00 बजे तक बारात को और अपने बेटे को पंडाल तक नहीं पहुंचने दिया और बार-बार दहेज के लिए पैसों की मांग करता रहा और जब दुल्हन के परिजनों ने उनको और दहेज देने के लिए कहा तो उन्होंने भारी भरकम रकम की मांग कि जिससे मामला और बिगड़ गया लड़की पक्ष गुस्से में आ गए और दुल्हन को दूल्हे के साथ भेजने से मना कर दिया , दिल्ली पुलिस के कृष्ण कुमार ने गुरुग्राम पुलिस को झूठी सूचना दी उनके रिश्तेदार और उनके बेटे और स्वयं को लड़की पक्ष ने बंधक बना लिया है पुलिस को सूचना मिलते ही भगदड़ मच गई रात के समय भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और पाया कि दहेज का मामला है
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में 5 घंटे तक पंचायत चली।
पुलिस की मौजूदगी गांव भंगरोला में करीब 5 घंटे पंचायत चली जिसमें काफी मुद्दे रखे गए और लड़के पक्ष के लिए उन्हें की गांव की पंचायत की ओर से कहा गया कि उनके परिवार और उनका हुका पानी बंद करने का पंचायत ऐलान करती है जिस पंचायत में कुछ लोग शांत हुए लेकिन युवा वर्ग अभी भी गुस्से में थे लड़की की इज्जत को उछालना कहीं ना कहीं परिवार सदमे में बताया जा रहा है।
ऐसे परिवार को सख्त से सख्त सामाजिक दंड देना चाहिए
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दे रहे हैं लेकिन समाज में इसका उल्टा हो रहा है बेटियों की इज्जत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है दहेज के लालची सरकारी पदों पर होते हुए भी दूसरे की बहन बेटियों की इज्जत उछल रहे ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे परिवार को सख्त से सख्त सामाजिक दंड देना चाहिए ग्रामीण यह भी बता रहे हैं 21 लाख और एक क्रेटा गाड़ी के अलावा सोना, चांदी के जेवरात के साथ घरेलू सामान भी दहेज में दिया गया अगर इसके बावजूद भी दहेज के लालचियों ने और पैसे की डिमांड रख दी समाज की ओर से कहा जा रहा है ऐसे व्यक्ति का तो गांव से निकाल कर देना चाहिए।
खेतों से दूल्हा और उसका परिवार पुलिस के साथ भाग खड़ा हुआ
युवाओं के गुस्से से बचने के लिए खेतों से दूल्हा और उसका परिवार पुलिस के साथ भाग खड़ा हुआ युवाओं में घुसा था उनकी बहन बेटी की इज्जत को उछाला गया अगर दहेज के लालचियों को यह शादी पसंद नहीं थी तो बाराती लेकर नहीं आना चाहिए था।
राजनीतिक एंट्री
दहेज जैसी खतरनाक बीमारी से हर व्यक्ति पीड़ित है
नगर निगम के चुनाव चल रहे हैं और इसी बीच मेयर के चुनाव लड़ने वालों को भी मौका मिल गया सभी दलों के नेता पंचायत में पहुंचने लगे और अपनी अपनी बात कहने लगे निर्दलीय मानेसर मेयर पद के उम्मीदवार विजय सिंह चौहान नंबरदार वजीरपुर में पंचायत की अध्यक्षता की और दहेज जैसी बूरी बीमारी को समाज से निकलने के लिए कहां दहेज जैसी खतरनाक बीमारी से हर व्यक्ति पीड़ित है जिस घर में बेटी है अब वह घर भी दहेज की बीमारी से डरने लगा है समाज के लोगों को जागरूक होने की जरूरत है।
इस अवसर पर हयातपुर से निर्दलीय मेयर प्रत्याशी डॉक्टर इंद्रजीत यादव पति राकेश यादव ने पंचायत में कहा दहेज समाज को खोखला कर रहा है दहेज एक समाज में बुराई ला रहा है और इस बुराई से बचने की जरूरत है राकेश यादव और मनोज यादव दोनों ने लड़की पक्ष और लड़के पक्ष के बीच में समझौता करने में भूमिका निभाई मनोज यादव ने कहा की समाज में गरीब परिवारों की लड़की भी रहती है और अगर दहेज का चलन इसी प्रकार रहा तो उनके सामने भी कठिनाई खड़ी हो सकती है, समाज को सबसे पहले दहेज जैसी बीमारी पर पाबंदी लगाने की जरूरत है अन्यथा दहेज समाज को खोखला कर देगा
उन्होंने कहा दहेज देने वाले और दहेज लेने वाले दोनों पक्ष दहेज को समाप्त कर सकते हैं वहीं कुछ पंचायत में बोल रहे पंचायती लोगों ने कहा डीजे बंद किया जाए शाम की शादी पर रोक लगाई जाए शादी में शराब शराब बंद की जाए।अगर यह सारे बंद हो जाए तो बारात शांतिप्रिया आने जाने लगेंगे।
समझौते में दहेज का सामान क्रेटा गाड़ी वापस ली।
पुलिस के बीच लड़की पक्ष और लड़के पक्ष में समझौता हो गया और जो दहेज लड़की पक्ष ने दिया था उसे दहेज को वापस मंगा लिया और बिना दुल्हन के ही दूल्हे को वापस खाली लौटा दिया ।
समाज को संदेश
गांव की पंचायत ने यह भी सुझाव दिया कि:
✅ रात की शादी पर रोक लगाई जाए।
✅ शादी में डीजे और शराब बंद की जाए।
✅ दहेज प्रथा को पूरी तरह खत्म किया जाए।
“बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” के बावजूद, समाज में दहेज प्रथा अभी भी जड़ें जमाए हुए है। यह घटना समाज को जागरूक करने और बदलाव लाने की जरूरत को दर्शाती है।