
महाकुंभ में ऐतिहासिक रिकॉर्ड: बना विश्व रिकॉर्ड
लखनऊ/प्रयागराज, 27 फरवरी – महाकुंभ 2025 में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। अब तक 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में पवित्र स्नान कर चुके हैं, जो अमेरिका की कुल जनसंख्या से दोगुनी संख्या है। इस अभूतपूर्व भीड़ ने महाकुंभ को दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन बना दिया है।
संगम तट पर उमड़ी आस्था की लहर
महाकुंभ 2025 की भव्यता हर दिन एक नया इतिहास रच रही है। विशेषकर मकर संक्रांति, पौष पूर्णिमा और मौनी अमावस्या के प्रमुख स्नान पर्वों पर श्रद्धालुओं का विशाल हुजूम उमड़ा। आगामी स्नान पर्वों बसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा और महाशिवरात्रि पर भी करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई जा रही है।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं की कड़ी निगरानी
इतने विशाल जनसमूह को संभालने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। महाकुंभ क्षेत्र में लाखों सुरक्षाकर्मी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें, चिकित्सा इकाइयाँ, ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी कैमरे तैनात किए गए हैं। साथ ही, ट्रैफिक और परिवहन व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए विशेष ट्रेनें और बसें चलाई जा रही हैं।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो सकता है नाम
महाकुंभ 2025 के इस ऐतिहासिक आयोजन को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यदि यह संभव होता है, तो यह आधिकारिक रूप से दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन बन जाएगा।
देश-विदेश से श्रद्धालुओं का आगमन
भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, नेपाल, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों से भी श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाने पहुँचे हैं।
धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन जारी
महाकुंभ में आध्यात्मिक प्रवचन, संत-महात्माओं के प्रवास, भजन-कीर्तन, यज्ञ, और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन जारी है।
महाकुंभ 2025: आस्था और अध्यात्म का महापर्व
महाकुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और आस्था का महा संगम है। इसने विश्व स्तर पर भारत की सांस्कृतिक विरासत को एक नई पहचान दी है।
👉 क्या यह महाकुंभ इतिहास का सबसे बड़ा आयोजन
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