
भारतीय सेना में सुधार की मांगों को लेकर मेजर (डॉ.) टी.सी. राव और कर्नल महाबीर सिंह यादव की CDS से मुलाकात
🔹 अहीर रेजिमेंट के गठन की मांग
🔹 सूबेदार मेजर की सेवा अवधि बढ़ाने और PBOR के लिए पदोन्नति प्रणाली में सुधार की सिफारिश
🔹 ECHS योजना और रिकॉर्ड्स विभाग के अपग्रेडेशन पर चर्चा
नई दिल्ली, 28 फरवरी: राष्ट्रीय शहीद परिवार कल्याण फाउंडेशन के संस्थापक एवं संयोजक मेजर (डॉ.) टी.सी. राव तथा फाउंडेशन के अध्यक्ष कर्नल महाबीर सिंह यादव ने भारत सरकार के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान, PVSM, UYSM, AVSM, SM, VSM से साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली में मुलाकात की।
इस दौरान, भारतीय सेना में सुधार और सैनिकों के कल्याण से जुड़ी कई अहम मांगें उठाई गईं। बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई, जिसमें जनरल अनिल चौहान ने दोनों अधिकारियों का गर्मजोशी से स्वागत किया।
अहीर रेजिमेंट के गठन का अनुरोध
बैठक के दौरान मेजर (डॉ.) टी.सी. राव ने अपनी पुस्तक “Forgotten Warriors: Ahirs’ Peaceful Struggle for a Regiment” CDS को भेंट की और भारतीय सेना में ‘अहीर रेजिमेंट’ के गठन की मांग को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि अहीर समुदाय ऐतिहासिक रूप से एक मार्शल कौम रही है, जिसने भारतीय सेना में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसलिए, अहीर रेजिमेंट का गठन बहादुर सैनिकों को सम्मान देने और रोजगार के नए अवसर खोलने के लिए जरूरी है।
CDS जनरल चौहान ने इस पर स्पष्ट किया कि ब्रिटिश सरकार ने जाति-आधारित रेजिमेंट्स भारतीयों को विभाजित करने के लिए बनाई थीं, और वह इस सिद्धांत के खिलाफ हैं।
इस पर मेजर राव और कर्नल यादव ने सुझाव दिया कि यदि जातिगत रेजिमेंट्स को जारी रखना उचित नहीं है, तो सभी रेजिमेंट्स के नामों से जातिगत संदर्भ हटाए जाने चाहिए।
सूबेदार मेजर की सेवा अवधि बढ़ाने की मांग
🔹 सूबेदार मेजर की सेवा अवधि को 57 वर्ष तक बढ़ाने की सिफारिश
🔹 PBOR (Personnel Below Officer Rank) के लिए टाइम स्केल प्रमोशन की मांग
मेजर राव ने भारतीय सेना में सूबेदार मेजर की सेवा अवधि को 57 वर्ष तक बढ़ाने की मांग उठाई। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि सूबेदार संजय कुमार, PVC (जाट रेजिमेंट) ने सूबेदार मेजर के पद को इसलिए अस्वीकार कर दिया था क्योंकि इस पद पर अधिकतम चार वर्ष की सेवा की सीमा है।
उन्होंने बताया कि नौसेना और वायुसेना में MCPO और MWO रैंक के अधिकारी 57 वर्ष तक सेवा कर सकते हैं, लेकिन थलसेना में सूबेदार मेजर को केवल चार वर्ष की सेवा की अनुमति है। इसलिए, सूबेदार मेजर को भी 57 वर्ष तक सेवा जारी रखने की अनुमति दी जानी चाहिए।
इसके अलावा, PBOR कर्मियों के लिए टाइम स्केल प्रमोशन की सिफारिश की गई, ताकि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) का अनुपालन सुनिश्चित हो सके।
रिकॉर्ड्स विभाग के अपग्रेडेशन की मांग
🔹 इंस्पेक्टर ऑफ रिकॉर्ड्स का पद अपग्रेड कर “डीजी रिकॉर्ड्स” (Director General Records) बनाने की सिफारिश
मेजर राव और कर्नल यादव ने सेना के “इंस्पेक्टर ऑफ रिकॉर्ड्स” के पद को अपग्रेड कर “डीजी रिकॉर्ड्स” बनाने की मांग की।
उन्होंने बताया कि अन्य विभागों जैसे RVC, AEC, CMP, JAG और ADC (Army Dental Corps) में प्रमुख पदों को बढ़ाकर लेफ्टिनेंट जनरल कर दिया गया है, लेकिन रिकॉर्ड्स विभाग में यह पद पिछले 50 वर्षों से ब्रिगेडियर ही बना हुआ है।
ECHS योजना की बदहाल स्थिति पर चर्चा
बैठक में सेवानिवृत्त सैनिकों के लिए चलाई जा रही ECHS (Ex-Servicemen Contributory Health Scheme) की समस्याओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्य मुद्दे:
✅ सम्बद्ध अस्पतालों (Empanelled Hospitals) को देर से भुगतान किया जा रहा है, जिससे अस्पताल सैनिकों का इलाज करने से बचते हैं।
✅ दवाइयों की अनुपलब्धता और जांच/उपचार दरों में संशोधन न होने से सेवानिवृत्त सैनिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
✅ सेवानिवृत्त सैनिकों को अस्पतालों में प्राथमिकता न मिलने से भर्ती में दिक्कतें हो रही हैं।
मेजर राव और कर्नल यादव ने CDS से अनुरोध किया कि इस मुद्दे को रक्षा मंत्रालय (RM) के समक्ष उचित अवसर पर रखा जाए।
महत्वपूर्ण पुस्तकों का उपहार
बैठक के अंत में, मेजर (डॉ.) टी.सी. राव ने अपनी तीन अन्य पुस्तकें भी जनरल चौहान को भेंट की:
1️⃣ “Bunker to Billionaire: A Success Story of a Soldier”
2️⃣ “रेजांगला में अहीरों का बलिदान: सत्य, न्याय और सम्मान के लिए संघर्ष”
3️⃣ “भारतीय सैनिक: सुरक्षा की गारंटी”
CDS का आश्वासन
CDS जनरल अनिल चौहान ने सैनिक कल्याण से जुड़ी इन महत्वपूर्ण मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया।
बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में समाप्त हुई।