
यहां मानेसर नगर निगम चुनाव को लेकर प्रत्याशियों के प्रचार अभियान और संभावित चुनावी नतीजों का विस्तृत विश्लेषण किया गया है।
आज प्रचार का अंतिम दिन
गुरुग्राम, 28 फरवरी – मानेसर नगर निगम चुनाव प्रचार आज अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। सभी प्रत्याशी रोड शो और जनसभाओं के माध्यम से मतदाताओं को रिझाने में जुटे हुए हैं। हर उम्मीदवार अपनी जीत का दावा कर रहा है, लेकिन मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी सुंदरलाल सरपंच और निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. इंद्रजीत यादव के बीच नजर आ रहा है।
मुख्य दावेदारों की स्थिति
➡ भाजपा प्रत्याशी सुंदरलाल सरपंच – भाजपा के उम्मीदवार सुंदरलाल सरपंच को अपनी जीत को लेकर पूरा भरोसा है। भाजपा ने उनके समर्थन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और हरियाणा के उद्योग मंत्री तक को प्रचार में उतारा है।
➡ निर्दलीय उम्मीदवार डॉ. इंद्रजीत यादव – निर्दलीय उम्मीदवार डॉ. इंद्रजीत यादव ने महिलाओं के बीच अच्छी पकड़ बना ली है और वे भी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त दिख रहे हैं।
➡ निर्दलीय प्रत्याशी विजय सिंह चौहान – वजीरपुर क्षेत्र के विजय सिंह चौहान पिछले तीन वर्षों से मेयर पद के लिए तैयारी कर रहे थे। उन्हें किसी भी पार्टी से टिकट नहीं मिला, लेकिन वे बतौर निर्दलीय मैदान में हैं। उनकी सफलता जनता के समर्थन पर निर्भर करेगी।
➡ कांग्रेस प्रत्याशी नीरज पहलवान – कांग्रेस के नीरज पहलवान पहली बार चुनावी मैदान में हैं। हालांकि, कांग्रेस का प्रचार अभियान बेहद कमजोर नजर आया। पार्टी के बड़े नेता इस चुनाव में सक्रिय नहीं दिखे और किसी भी बड़े नेता ने प्रचार में रुचि नहीं ली।
भाजपा बनाम कांग्रेस: चुनाव प्रचार में अंतर
मानेसर में भाजपा पूरी ताकत से चुनाव लड़ रही है, वहीं कांग्रेस की प्रचार गतिविधियां लगभग नगण्य रही हैं। भाजपा के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और उद्योग मंत्री खुद गांव-गांव जाकर प्रचार कर रहे हैं। इसके विपरीत, कांग्रेस के बड़े नेता प्रचार से पूरी तरह नदारद हैं।
निर्दलीय प्रत्याशियों के चुनावी वादे
निर्दलीय उम्मीदवार मतदाताओं को रिझाने के लिए कई बड़े वादे कर रहे हैं, जिनमें पानी, बिजली, और कानून-व्यवस्था में सुधार जैसी चीजें शामिल हैं। हालांकि, कई वादे ऐसे हैं जिन्हें पूरा करना नगर निगम के दायरे में भी नहीं आता, जिससे इन पर सवाल उठने लगे हैं।
मौसम का प्रभाव पड़ सकता है मतदान पर
2 मार्च को मतदान होना है, लेकिन मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार, बारिश होने की संभावना है। यदि बारिश तेज होती है, तो इसका असर मतदान प्रतिशत पर पड़ सकता है और इससे प्रत्याशियों के चुनावी गणित भी प्रभावित हो सकते हैं।
नतीजों पर नजरें टिकीं
अब सभी की निगाहें 2 मार्च को होने वाले मतदान और मतगणना पर हैं। मुकाबला कांटे का है और हार-जीत का फैसला महज कुछ वोटों के अंतर से हो सकता है।
(रिपोर्ट: विशेष संवाददाता)