
ई परीक्षा केंद्रों पर छात्र तनाव में
चंडीगढ़ हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं की गणित परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों और शिक्षकों में गहरा असंतोष देखा गया। कई परीक्षा केंद्रों पर छात्र तनाव में दिखे, कुछ ने रोते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की, तो कुछ मानसिक दबाव में बेहोश तक हो गए।
आउट ऑफ सिलेबस प्रश्नों से बढ़ा तनाव
विद्यार्थियों और शिक्षकों का आरोप है कि परीक्षा का 50% से अधिक हिस्सा एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तक से बाहर के प्रश्नों से भरा था। सालभर किताबों और सैंपल पेपर्स के आधार पर तैयारी करने वाले छात्रों के लिए यह बड़ा झटका साबित हुआ।
सैंपल पेपर और पिछली परीक्षाओं से नहीं था कोई मेल
- विद्यार्थियों के अनुसार, हरियाणा बोर्ड द्वारा जारी किए गए सैंपल पेपर्स से प्रश्नपत्र का कोई संबंध नहीं था।
- 2024 में हुई प्री-बोर्ड परीक्षा और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों से भी कोई समानता नहीं मिली।
- कठिनाई स्तर सीबीएसई के मुकाबले अधिक था और पहली बार इस पैटर्न पर परीक्षा ली गई।
विद्यार्थियों का प्रदर्शन प्रभावित
- जिन छात्रों को 90% से अधिक अंक आने की उम्मीद थी, वे 60-70 अंकों तक ही सिमट सकते हैं।
- कई छात्रों का कहना था कि प्रश्नपत्र में स्तर 2 और ओलंपियाड स्तर के प्रश्न पूछे गए थे, जो सामान्य विद्यार्थियों के लिए कठिन साबित हुए।
- स्टैंडर्ड और बेसिक गणित के प्रश्नों में कोई स्पष्ट विभाजन नहीं था, जिससे छात्रों में असमंजस बना रहा।
शिक्षकों और अभिभावकों में आक्रोश
शिक्षकों ने भी इस परीक्षा को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि:
- परीक्षा का स्तर पिछले वर्षों से कहीं अधिक कठिन था।
- एनसीईआरटी में कई अवधारणाएं स्पष्ट नहीं थीं, फिर भी इन्हीं से जुड़े कठिन प्रश्न पूछे गए।
- छात्रों की मेहनत को देखते हुए यह पेपर अनुचित था।
परीक्षा केंद्रों पर भावुक दृश्य
परीक्षा समाप्त होने के बाद कई विद्यार्थी रोते हुए परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले। कुछ छात्र अपने माता-पिता और शिक्षकों से लिपटकर रोने लगे। तनाव इतना अधिक था कि एक छात्र बेहोश हो गया, जिसे तुरंत चिकित्सा सहायता दी गई।
विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया
छात्रों का कहना था कि उन्होंने एनसीईआरटी की किताब को दो से तीन बार पढ़ा, सैंपल पेपर हल किए, और प्री-बोर्ड परीक्षा भी दी, लेकिन असली परीक्षा के प्रश्न पत्र में यह सब बेकार साबित हुआ।
शिक्षा मंत्री से संज्ञान लेने की अपील
राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता अशोक कुमार भारद्वाज ने इस मामले में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, एनसीईआरटी और हरियाणा के शिक्षा मंत्री से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने अपील की कि:
- परीक्षा के स्तर और पैटर्न की जांच हो।
- विद्यार्थियों के मानसिक तनाव को कम करने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।
- आगामी परीक्षाओं में इस प्रकार की गलतियों को रोका जाए ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे।
इस परीक्षा को लेकर छात्रों में गहरी निराशा देखी गई है। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है।