
राज्यसभा सांसद किरण चौधरी की मांग की
भिवानी, 1 मार्च 2025: राज्यसभा सांसद किरण चौधरी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से लोहारू और बाढ़ड़ा क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि से किसानों को हुए नुकसान का त्वरित आकलन कराने और शीघ्र मुआवजा दिलाने की मांग की है।
उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि ओलावृष्टि से हुए फसली नुकसान का जल्द से जल्द सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को राहत प्रदान की जाए, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति पर विपरीत प्रभाव न पड़े।
📌 ओलावृष्टि से भारी नुकसान, किसानों की चिंता बढ़ी
गत दिनों हरियाणा के लोहारू और बाढ़ड़ा क्षेत्र में अचानक हुई भारी ओलावृष्टि से किसानों की फसलें नष्ट हो गईं। इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों को गहरी आर्थिक समस्या में डाल दिया है।
राज्यसभा सांसद किरण चौधरी ने बताया कि प्रभावित गांवों में व्यापक नुकसान हुआ है, जहां प्रमुख रूप से गेहूं, सरसों और अन्य फसलों को भारी क्षति पहुंची है।
📌 प्रभावित गांवों की सूची
🔹 लोहारू क्षेत्र: गोठड़ा, ढाणी टोडा, ढाणी मनसुख, बसीरवास, बारवास, झुपा कलां-खुर्द, गिगनाऊ, झांझड़ा हसनपुर-श्योराण, दमकोरा, बरालू, लालपुर ढाणी, सेहर आदि।
🔹 बाढ़ड़ा क्षेत्र: लाड, भांडवा, ढाणी सुरजा, नांधा, हंसावास खुर्द, हंसावास कला, चांदवास, कानहड़ा, धनासरी, निमड़, बडेसरा आदि।
किसानों ने सरकार से तुरंत राहत प्रदान करने की मांग की है, ताकि वे अपनी आगामी फसल की बुआई की तैयारी कर सकें।
📌 प्रशासन को दिए गए निर्देश
राज्यसभा सांसद किरण चौधरी ने प्रशासन से कहा है कि जल्द से जल्द सर्वे करके किसानों की क्षति का आंकलन किया जाए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए।
📌 किसानों के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल खुला
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर सरकार ने “क्षतिपूर्ति पोर्टल” खोल दिया है, जहां किसान ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन कर स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
📌 भाजपा सरकार किसान हितैषी: किरण चौधरी
राज्यसभा सांसद किरण चौधरी ने कहा कि “केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार किसान हितैषी है और किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।”
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे “क्षतिपूर्ति पोर्टल” पर जल्द से जल्द अपने नुकसान का विवरण दर्ज कराएं, ताकि उन्हें शीघ्र मुआवजा मिल सके।
किसान कैसे करें मुआवजे के लिए आवेदन?
✔️ “क्षतिपूर्ति पोर्टल” पर लॉग इन करें।
✔️ अपनी फसल का नुकसान दर्ज करें।
✔️ प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा।
👉 यदि आप किसान हैं और ओलावृष्टि से प्रभावित हुए हैं, तो तुरंत “क्षतिपूर्ति पोर्टल” पर आवेदन करें और अपना हक प्राप्त करें।