घर-घर जाकर चुनाव प्रचार में जुटे प्रत्याशी,
गुरुग्राम, 1 मार्च।
नगर निगम चुनाव प्रचार समाप्त हो चुका है, आचार संहिता लागू है, और अब प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ घर-घर जाकर वोट मांग रहे हैं। चुनावी माहौल गरमाया हुआ है, लेकिन मतदाता किसे चुनेंगे, यह 2 मार्च को होने वाले मतदान के बाद ही स्पष्ट होगा।
वर्तमान में सभी प्रत्याशी अपनी जीत के दावे कर रहे हैं, और उनके समर्थक भी जीत की संभावनाओं को लेकर उत्साहित हैं। हालांकि, असली फैसला तो मतदाताओं के हाथ में है, जो कुछ ही घंटों में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
बीजेपी ने झोंकी पूरी ताकत
सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने इस चुनाव में अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए पूरी ताकत लगा दी है। मुख्यमंत्री से लेकर केंद्रीय मंत्रियों तक, सभी ने नगर निगम चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाई है। हालांकि, मतदान के नतीजे क्या होंगे, इसका अंदाजा अभी किसी को नहीं है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और कई केंद्रीय मंत्री अपने प्रत्याशियों की जीत का दावा कर चुके हैं, लेकिन यह दावे कितने सच साबित होंगे, यह 2 मार्च को ही पता चलेगा।
गुरुग्राम और मानेसर में अलग स्थिति
गुरुग्राम में भारतीय जनता पार्टी को कड़ी चुनौती नहीं मिल रही है, लेकिन मानेसर नगर निगम क्षेत्र में मुकाबला कांटे का है। यहां अन्य प्रत्याशी भी मजबूती से चुनावी मैदान में डटे हुए हैं, जिससे चुनावी संघर्ष दिलचस्प बन गया है।
अब सबकी निगाहें 2 मार्च के मतदान पर टिकी हैं, जब मतदाता अपने फैसले की मुहर लगाएंगे और यह तय करेंगे कि नगर निगम की सत्ता किसके हाथ में जाएगी।