
पार्षद और मेयर पद के उम्मीदवारों की हार-जीत कुछ ही वोटों के अंतर से
गुरुग्राम, 3 मार्च:
मानेसर नगर निगम के मेयर पद के चुनाव संपन्न हो गए हैं, लेकिन मतदान प्रतिशत केवल 64% ही रहा। चुनाव में मतदान का प्रतिशत 70 से 75% तक होने की उम्मीद थी, लेकिन यह आकड़ा काफी नीचे रहा। इस कम मतदान प्रतिशत के चलते पार्षद और मेयर पद के उम्मीदवारों की हार-जीत कुछ ही वोटों के अंतर से तय होने की संभावना जताई जा रही है।
सोसाइटियों में कम मतदान
मतदान प्रतिशत 30% से भी कम रहा
मानेसर नगर निगम के हाई राइज सोसाइटियों में मतदान का प्रतिशत बहुत कम रहा। इनमें से कई सोसाइटियों में मतदान प्रतिशत 30% से भी कम रहा, जबकि कुछ सोसाइटियां 40% तक मतदान करने में सफल रही। इसका कारण यह बताया जा रहा है कि सोसाइटियों में लोग मतदान केंद्रों तक जाने से बचते रहे और छुट्टी के दिन अधिकांश लोग अपने घरों से बाहर चले गए। इसके परिणामस्वरूप, इन क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम था।
ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक मतदान
सोसाइटियों से कहीं अधिक
इसके विपरीत, मानेसर नगर निगम के ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत अधिक था। विशेष रूप से कुकड़ोला, मानेसर, हयातपुर, बस हरिया, शिकोहपुर, सिकंदरपुर कासन, और वजीरपुर जैसे गांवों में मतदान प्रतिशत सोसाइटियों से कहीं अधिक था। हयातपुर गांव में सबसे अधिक मतदान हुआ, जबकि मानेसर गांव में 45% मतदान दर्ज किया गया। कासन गांव में 25% मतदान हुआ, जो कि अपेक्षाकृत कम था। इस प्रकार, ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत अधिक देखा गया।
मेयर पद के उम्मीदवारों की स्थिति
इन सभी उम्मीदवारों की जीत-हार का निर्णय केवल परिणामों के बाद
मतदान के बाद, भाजपा के मेयर प्रत्याशी सुंदरलाल सरपंच अपनी जीत को पक्का मानकर चल रहे हैं, जबकि कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी नीरज पहलवान भी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। वहीं, निर्दलीय प्रत्याशी डॉक्टर इंद्रजीत और विजय सिंह चौहान भी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं। हालांकि, इन सभी उम्मीदवारों की जीत-हार का निर्णय केवल परिणामों के बाद ही स्पष्ट होगा।
राव इंद्रजीत सिंह की वायरल ऑडियो
मानेसर नगर निगम चुनाव के एक दिन पहले, केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की एक ऑडियो क्लिप वायरल हो गई, जिसमें वह बार-बार बीजेपी को वोट देने की अपील कर रहे थे। कुछ लोग इसे फर्जी मान रहे थे, जबकि अन्य इसे असली मानते हुए इसे भाजपा के पक्ष में प्रचार करने की कोशिश मान रहे थे। इस ऑडियो के चलते मानेसर में लगातार चर्चा का माहौल बना रहा। हालांकि, भाजपा के मेयर प्रत्याशी के पक्ष में राव इंद्रजीत सिंह ने इस चुनावी अपील की, लेकिन चुनाव के दौरान वह कहीं भी दिखाई नहीं दिए।
एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनेगा
इस ऑडियो के बारे में भाजपा के नेताओं से संपर्क करने पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिससे यह और भी बड़ा मुद्दा बन गया। यदि चुनाव परिणाम भाजपा के खिलाफ आते हैं, तो यह ऑडियो एक विवाद का रूप ले सकता है। वहीं, अगर परिणाम भाजपा के पक्ष में आते हैं, तो यह भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनेगा, क्योंकि राव इंद्रजीत सिंह ने मेयर पद के लिए टिकट मांगी थी, लेकिन उन्हें टिकट नहीं दी गई, और वह स्वयं भी मेयर पद के चुनाव में थे।
यह ऑडियो मुद्दा चुनाव परिणाम के बाद और भी बढ़ सकता है, चाहे परिणाम सरकार के पक्ष में आएं या विपक्ष में, यह एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।