20 मार्च तक कर सकते हैं मुआवजे के लिए आवेदन
भिवानी, 4 मार्च: हरियाणा सरकार ने किसानों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोलने का निर्णय लिया है। यह पोर्टल उन किसानों के लिए है, जिनकी फसलें हाल ही में हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण नष्ट हो गई हैं। उपायुक्त महावीर कौशिक ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और किसान 20 मार्च 2025 तक इस पोर्टल पर अपना दावा प्रस्तुत कर सकते हैं।
10 जिलों के 615 गांव प्रभावित
उपायुक्त ने बताया कि 28 फरवरी से 1 मार्च के बीच हरियाणा के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है।
- पूरे राज्य में 10 जिलों के 615 गांव इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं।
- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल को 20 मार्च तक खोलने का निर्णय लिया है ताकि किसान जल्द से जल्द अपनी फसल क्षति का मुआवजा प्राप्त कर सकें।
- जिला प्रशासन ने इस संबंध में किसानों को एसएमएस के माध्यम से सूचित किया है और पोर्टल पर आवेदन करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी है।
कैसे करें आवेदन?
किसान ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर लॉग इन करके अपनी फसल क्षति की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें निम्नलिखित विवरण उपलब्ध कराने होंगे:
- किसान का नाम और आधार नंबर
- खेत का विवरण और प्रभावित क्षेत्र
- फसल का प्रकार और क्षति का आकलन
- आवश्यक दस्तावेज़ (जैसे फसल बीमा या राजस्व रिकॉर्ड)
प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन पूरा
उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन ने ओलावृष्टि और बारिश से हुए फसल नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है। अब सरकार प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता देने के लिए तेजी से कार्य कर रही है।
किसानों के हित में सरकार की पहल
उपायुक्त कौशिक ने कहा कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव सहायता कर रही है।
महत्वपूर्ण तिथियां:
✅ आवेदन की अंतिम तिथि: 20 मार्च 2025
✅ ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर जल्द करें आवेदन!
सरकार की यह पहल उन किसानों के लिए राहत लेकर आई है, जिन्होंने प्राकृतिक आपदा के कारण अपनी फसलें गंवा दी हैं और अब सरकार से मुआवजा प्राप्त कर सकते हैं।