
केंद्र महिला सशक्तिकरण, अहिंसा और मानवता के लिए कार्य करेगा।
गुरुग्राम में भारत के पहले विश्व शांति केंद्र का भव्य उद्घाटन
गुरुग्राम में रविवार (4 मार्च, 2025) को भारत के पहले विश्व शांति केंद्र का शुभारंभ किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिरकत की, जबकि पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित रहे। इस भव्य उद्घाटन समारोह में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर, संत मोरारी बापू, और अवधेशानंद गिरि महाराज जैसी प्रसिद्ध हस्तियां भी शामिल हुईं।
हालांकि, दिल्ली की नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और योग गुरु स्वामी रामदेव इस कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके, लेकिन स्वामी रामदेव ने अपना वीडियो संदेश भेजकर इस पहल की सराहना की।
भारत का पहला विश्व शांति केंद्र
यह केंद्र आचार्य लोकेश मुनि के मार्गदर्शन में स्थापित किया गया है और इसका उद्देश्य शांति, सद्भाव और आध्यात्मिक उत्थान को बढ़ावा देना है। अपने संबोधन में आचार्य लोकेश मुनि ने कहा—
“यह संस्थान विश्व में शांति का संदेश देगा और ‘वासुदेव कुटुंबकम’ के सिद्धांत को धरातल पर उतारेगा। यह केंद्र महिला सशक्तिकरण, अहिंसा और मानवता के लिए कार्य करेगा।”
इस वैश्विक कार्य के लिए मैं 9 दिनों की कथा का आयोजन करूंगा ,संत मोरारी बापू
इस दौरान संत मोरारी बापू ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा—
“आचार्य लोकेश मुनि के इस वैश्विक कार्य के लिए मैं 9 दिनों की कथा का आयोजन करूंगा।”
विश्व शांति केंद्र की भूमिका
यह केंद्र अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक आचार्य लोकेश मुनि की पहल पर स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य समाज में शांति और सद्भाव को बढ़ावा देना, आध्यात्मिकता का प्रसार करना और राष्ट्रीय व वैश्विक मुद्दों पर संवाद के लिए एक मंच उपलब्ध कराना है।
यह केंद्र केवल एक भवन नहीं, बल्कि संकल्प का साकार रूप है। नायब सिंह सैनी
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा“यह केंद्र केवल एक भवन नहीं, बल्कि संकल्प का साकार रूप है। यह संस्था शांति, सद्भाव, करुणा और दया के मूल्यों को स्थापित करेगी और नशा मुक्ति, ध्यान और शांति से संबंधित कार्यशालाएं आयोजित करेगी।”
विश्व शांति केंद्र का उद्घाटन भारत में अहिंसा और सद्भाव को नई दिशा देने की एक बड़ी पहल है।
विश्व शांति केंद्र का उद्घाटन भारत में अहिंसा और सद्भाव को नई दिशा देने की एक बड़ी पहल है। यह केंद्र न केवल राष्ट्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर शांति और आध्यात्मिकता को बढ़ावा देगा और समाज को नई राह दिखाएगा।