हरियाणा के करनाल में बनी टास्कफोर्स, नए आपराधिक कानूनों पर करेगी काम
करनाल, 4 मार्च: हरियाणा के करनाल में तीन नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष टास्कफोर्स का गठन किया गया है। यह टास्कफोर्स नए दंड संहिता, न्याय संहिता और साक्ष्य कानून पर काम करेगी और इनकी व्याख्या, प्रशिक्षण एवं क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देगी।
क्या हैं ये नए आपराधिक कानून?
केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में तीन नए आपराधिक कानून पारित किए गए हैं, जो 1 जुलाई 2024 से पूरे देश में लागू होंगे:
- भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 – यह भारतीय दंड संहिता (IPC) की जगह लेगा।
- भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 – यह दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) का स्थान लेगा।
- भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) 2023 – यह वर्तमान भारतीय साक्ष्य अधिनियम को प्रतिस्थापित करेगा।
टास्कफोर्स के कार्य एवं उद्देश्य
टास्कफोर्स का मुख्य उद्देश्य नए कानूनों की जानकारी देना, पुलिस प्रशासन को प्रशिक्षित करना और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी बनाना है। इसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, कानूनी विशेषज्ञ और न्यायिक अधिकारी शामिल होंगे।
टास्कफोर्स के मुख्य कार्य:
✅ नए कानूनों की व्याख्या एवं मार्गदर्शन
✅ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का प्रशिक्षण
✅ न्यायपालिका के साथ समन्वय स्थापित करना
✅ जनजागरूकता अभियान चलाना
करनाल क्यों बना केंद्र?
करनाल को इस टास्कफोर्स के लिए केंद्र इसलिए बनाया गया है क्योंकि यह हरियाणा का प्रमुख प्रशासनिक और न्यायिक हब है। इसके अलावा, यहां से कानून व्यवस्था की स्थिति पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकती है।
सरकार की योजना
हरियाणा सरकार ने राज्य में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए इस टास्कफोर्स का गठन किया है। सरकार का मानना है कि नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन से न्याय प्रक्रिया तेज होगी और अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी।
हरियाणा में करनाल टास्कफोर्स का गठन नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह टास्कफोर्स पुलिस और न्यायपालिका को इन कानूनों के अनुरूप कार्य करने के लिए प्रशिक्षित करेगी और नागरिकों को इनके बारे में जागरूक करेगी