
-अनुदान प्राप्त महाविद्यालय को भी किया गया अनदेखा
-शिक्षा की गुणवत्ता रसातल में, सरकार कर रही अनदेखी
गुरुग्राम। हरियाणा सरकार सच में शिक्षा सुधार रही है या इसे बर्बादी की ओर धकेल रही है। बात तो नई शिक्षा लागू करने की हो रही है, लेकिन जो शिक्षा पद्धति अब चल रही है उसे सही ढंग से संचालित करने में सरकार विफल हो रही है। यह कहना है कांंग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक बुवानीवाला का।
सरकार की अस्पष्ट और दिशाहीन शिक्षा नीतियों पर तीखा हमला
अशोक बुवानीवाला ने सरकार की अस्पष्ट और दिशाहीन शिक्षा नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने बताया कि एक तरफ तो नई शिक्षा नीति का ढोल पीटा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ उच्च शिक्षा को मजबूत करने के बजाय सरकार ने राज्य विश्वविद्यालयों को भारी कर्ज में डुबो दिया है। ग्रांट-इन-एड को ऋण में बदलने के फैसले ने विश्वविद्यालयों पर 6,625.82 करोड़ रुपये का बोझ डाल दिया है। पिछले तीन सालों में यह कर्ज़ इतनी तेज़ी से बढ़ा है कि अब विश्वविद्यालयों के पास बुनियादी सुविधाओं और शिक्षकों की भर्ती के लिए भी पैसे नहीं बचे हैं।
सरकारी अनुदान प्राप्त कॉलेजों को आज भी अनदेखा किया गया।
हाल ही में सरकार ने आठ विश्वविद्यालयों में भर्ती की अनुमति दी, लेकिन सरकारी अनुदान प्राप्त कॉलेजों को आज भी अनदेखा किया गया। उन कालेजों में पहले से ही स्थायी संकाय की भारी कमी है। शिक्षकों की कमी के कारण कक्षाएं ठप पड़ी हैं, छात्र असमंजस में हैं। शिक्षा की गुणवत्ता रसातल में जा रही है। आखिर कब तक छात्र बिना स्थायी शिक्षकों के अपनी पढ़ाई से समझौता करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि स्थिति पहले से ही खराब थी। सरकार ने इसे और भयावह बना दिया। चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय और चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में बिना किसी स्पष्टीकरण के भर्ती प्रक्रिया रोक दी गई। हजारों छात्र और अभ्यर्थी अब अधर में लटक गए हैं, जिन्हें अपने भविष्य की कोई स्पष्ट दिशा नजर नहीं आ रही।
अशोक बुवानीवाला ने नायब सैनी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए साफ कहा कि शिक्षा को कर्ज का बोझ समझना बंद करें और विश्वविद्यालयों को अनुदान दें। उन्होंने सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द नियमित भर्ती प्रक्रिया बहाल की जाए, वित्तीय संकट को दूर किया जाए। सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों को भी मजबूती दी जाए। अगर सरकार का यही रवैया रहा, तो आने वाले समय में हरियाणा की उच्च शिक्षा पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी।